चंडीगढ़: केंद्र सरकार के फ्यूल टैक्स में बढ़ोतरी करने के बाद हरियाणा में भी पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ गए हैं। 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी से प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए के करीब पहुंच गई है। डीजल भी 90 रुपए से ऊपर पहुंच गया है। राज्य में एक दिन में पेट्रोल की खपत लगभग 48.04 लाख लीटर है, जबकि डीजल की खपत 1.20 करोड़ लीटर है। इसके साथ ही, CNG पर 2 रुपए प्रति किलो रेट बढ़े हैं।
हरियाणा पेट्रोलियम एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी ने कहा- सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम 10 रुपए तक बढ़ाने की योजना बना रही है। यह दाम या तो हर दिन 50 पैसे बढ़ सकते हैं, या फिर कुछ दिनों में एक साथ 3 रुपए बढ़ सकते हैं, लेकिन यह तय है कि दाम और बढ़ेंगे। रेट बढ़ने से सीधा असर लोगों पर पड़ेगा। टैक्सी ऑपरेटर 2 रुपए प्रति किलोमीटर तक एक्स्ट्रा चार्ज कर सकते हैं। किसानों पर भी प्रति एकड़ के हिसाब से 500 से 700 रुपए तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसी तरह, दूसरे राज्यों से आने वाली फल और सब्जी भी महंगी होंगी।
पंचकूला के शिप्रा टूर एंड ट्रैवल्स के मालिक अमित शर्मा ने बताया कि पहले पहाड़ी इलाकों के लिए 16 सीटर गाड़ी (ट्रैवलर) 33 से 35 रुपए प्रति किलोमीटर में जाती थी। वहीं, इनोवा गाड़ी के 22 से 25 रुपए प्रति किलोमीटर चार्ज होते थे। मैदानी भागों में इनके चार्ज 5 से 7 रुपए तक कम होते हैं। अब पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि 2 रुपए प्रति किलोमीटर तक खर्चा बढ़ सकता है।
हिसार में श्री बालाजी टूर एंड ट्रेवल कंपनी के मालिक कुलदीप पंघाल ने बताया कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से उन्हें ज्यादा नुकसान होगा। कस्टमर इन बातों को नहीं समझता। वो बोलते हैं आपको 3 रुपए से क्या फर्क पड़ेगा। हिसार से दिल्ली टैक्सी ले जाने पर 100 से 125 रुपए का अतिरिक्त खर्च उन पर पड़ेगा। इसी तरह अगर हम हिसार से मनाली जाते हैं तो 1200 से 1500 रुपए का अतिरिक्त खर्च हम पर पड़ेगा।
सोनीपत के किसान विजय सरोह ने बताया कि इस समय डीजल का इस्तेमाल सबसे ज़्यादा होता है, जिससे किसानों पर बोझ पड़ेगा। एक एकड़ में ट्रैक्टर से धान की सीधी बुआई (DSR) करने पर पहले 3,500 से 4,000 रुपए तक खर्च आता था, लेकिन अब इसमें 500 से 700 रुपए ज्यादा लगेंगे।
करनाल सब्जी मंडी में पपीता बेचने वाले आढ़ती नाथी राम ने बताया कि पहले आंध्र प्रदेश से फलों से भरी गाड़ी मंगवाने का किराया 1 लाख 35 हजार रुपए था। अब कल से उसी गाड़ी का किराया 1 लाख 50 हजार रुपए हो जाएगा। इसका सीधा असर हम सब पर पड़ेगा, क्योंकि डीजल महंगा होने से फलों के दाम भी बढ़ जाएंगे। दुकानदार अपना नुकसान नहीं होने देगा, इसलिए वह फलों के दाम बढ़ाकर अपना घाटा पूरा करेगा।
ऑल हरियाणा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट से जुड़ा सभी कारोबार महंगा होगा। माल ढुलाई के रेट बढ़ने से चीजों के दाम भी बढ़ेंगे। दिल्ली में ग्रीन टैक्स बढ़ने से वैसे ही ट्रांसपोर्टरों पर बोझ बढ़ रहा है। ऊपर से डीजल के दाम बढ़ने से उन पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
प्राइवेट बस ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान धन सिंह ने कहा कि पिछले 6 सालों में बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया है, जबकि डीजल, पेट्रोल, गाड़ियों के पार्ट्स, मरम्मत और गाड़ियों की कीमत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। रोडवेज को लगभग 1000 करोड़ रुपए और प्राइवेट बस चलाने वालों को लगभग 350 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में बस का किराया 1 रुपया प्रति किलोमीटर है, जबकि पंजाब में डेढ़ रुपया, हिमाचल में 1.75 रुपया और बिहार में 2 रुपए प्रति किलोमीटर है। महंगाई को देखते हुए प्रति किलोमीटर किराए में बढ़ोतरी की जाए। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे कोर्ट जाएंगे।
हरियाणा में इतने बढ़े पेट्रोल के रेट
शहर पुराने दाम (रुपए/लीटर) नए दाम (रुपए/लीटर)
पानीपत 94.88 97.88
गुरुग्राम 95.30 98.29
पंचकूला 96.31 99.31
रेवाड़ी 95.08 98.07
फतेहाबाद 96.40 99.40
हिसार 96.43 99.02
भिवानी 95.89 98.88
फरीदाबाद 95.95 98.95
कुरुक्षेत्र 95.95 98.95
कैथल 95.45 98.45
सिरसा 96.73 99.73
करनाल 95.08 98.08
नारनौल 95.54 98.54
डीजल के रेट में इतनी बढ़ोतरी
शहर पुराने दाम (रुपए/लीटर) नए रेट (रुपए/लीटर)
पानीपत 87.33 90.33
गुरुग्राम 87.77 90.77
पंचकूला 88.73 91.73
रेवाड़ी 87.55 90.50
फतेहाबाद 88.01 91.01
हिसार 88.85 91.63
भिवानी 88.34 91.34
फरीदाबाद 88.39 91.39
कुरुक्षेत्र 87.90 90.90
कैथल 87.91 90.91
सिरसा 89.14 92.14
करनाल 87.55 90.55
नारनौल 88 91.01
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी क्यों
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका में जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं।
पेट्रोल यूज करने में हरियाणा देश में 9वें स्थान पर
हरियाणा पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के पूर्व प्रधान शमशेर सिंह गोगी ने बताया कि अभी हरियाणा में पेट्रोल पर 19.11% वैट लगता है, जिसके बाद अब हरियाणा में पेट्रोल की कीमतों में करीब 3.50 रुपए की बढ़ोतरी होगी। वहीं, डीजल पर 16.8% वैट लगता है, जिसके बाद अब डीजल की कीमतों में 3.40 रुपए प्रति लीटर बढ़ेंगे। हरियाणा देश में पेट्रोल यूज करने के मामले में 9वें स्थान पर है।
CM सैनी बोले- युद्ध के कारण पूरी दुनिया प्रभावित
रेट बढ़ने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, “यह सिर्फ भारत की समस्या नहीं है, यह एक वैश्विक समस्या है। युद्ध के कारण पूरी दुनिया प्रभावित है। कोरोना के दौरान भी ऐसा ही हुआ था, आप लोगों ने देखा भी होगा। सभी घरों में कैद हो गए थे। इस समस्या का सामना मिलकर करना चाहिए।”
ये फैक्ट्स भी जानिए
अगर लोग पहले की तरह ही पेट्रोल खरीदते रहे, तो नए रेट लागू होने के बाद हरियाणा के लोगों को हर दिन औसतन 1.44 करोड़ रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे।
इसी तरह डीजल खरीद पर लोगों को प्रतिदिन अब औसतन 3.6 करोड़ रुपए अधिक खर्च करने होंगे।
2 महीने पहले प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े
हरियाणा में दो महीने पहले पेट्रो कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दामों में 1.89 से लेकर 2.35 रुपए तक की बढ़ोतरी की थी। हरियाणा में करीब 3 हजार फ्यूल पंप हैं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन (HPC) ने प्रीमियम पेट्रोल के दामों में प्रति लीटर 1.89 रुपए की बढ़ोतरी की थी। वहीं भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन (BPCL) ने 2.09 रुपए प्रति लीटर दाम बढ़ाए गए थे। इंडियन ऑयल कारपोरेशन (IOC) ने प्रति लीटर प्रीमियम पेट्रोल के दामों में 2.35 रुपए की बढ़ोतरी की।