रोहतक: हरियाणा का रोहतक लंबे समय से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का राजनीतिक गढ़ रहा है। यह इलाका इन दिनों सियासी गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। बीजेपी और विपक्षी दल हुड्डा व उनके सांसद बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव को चुनौती देना चाहते हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बीते एक हफ्ते में दो बार रोहतक का दौरा कर चुके हैं। 17 सितंबर को वह फिर से यहां आएंगे और विश्वकर्मा जयंती समारोह को संबोधित करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में ‘स्वस्थ नारी-शक्तिशाली परिवार’ अभियान भी लॉन्च किया जाएगा।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडोली ने साफ कर दिया है कि हुड्डा परिवार उनका निशाना है और पार्टी रोहतक में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) भी रोहतक में 25 सितंबर को पूर्व उपप्रधानमंत्री देवी लाल की जयंती पर विशाल रैली करने वाली है। आईएनएलडी नेता अभय सिंह चौटाला ने इसे अब तक की सबसे बड़ी जयंती समारोह बताया है, जिसका मकसद जाट बेल्ट में अपनी ताकत दिखाना है जो हुड्डा का मजबूत आधार माना जाता है। चौटाला ने कई विपक्षी नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर रोहतक में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।
कांग्रेस भी है तैयार
जाट-केंद्रित जननायक जनता पार्टी का विधानसभा चुनाव में खाता नहीं खुल पाया था। कांग्रेस में जाट या गैर-जाट नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता की स्थिति है। इस बीच, आईएनएलडी जाट वोटरों को कांग्रेस से अपनी ओर खींचने की कोशिश में है। दूसरी ओर, दीपेंद्र हुड्डा ने बीजेपी और आईएनएलडी की बढ़ती गतिविधियों पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आईएनएलडी को बीजेपी की कठपुतली करार दिया और कहा कि पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के बयान व चौटाला के बेटे अर्जुन की जीत के बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात इसका सबूत है। दीपेंद्र ने दावा किया कि रोहतक में कांग्रेस की ताकत सभी को पता है। 40% वोट शेयर हासिल करना कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, भले ही बीजेपी ने ‘वोट चोरी’ के जरिए सरकार बनाई हो।