हरियाणा जमीन सौदे मामले में रॉबर्ट वाड्रा को समन, ED के आरोपपत्र पर कोर्ट का संज्ञान लेखन

गुरूग्राम ; दिल्ली की एक अदालत ने हरियाणा के गुरूग्राम स्थित शिकोहपुर में जमीन सौदे से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा को समन जारी किया है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के पति वाड्रा सहित 9 अन्य लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दायर आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 16 मई को पेश होने को कहा है।

ED ने पिछले साल जुलाई में दायर किया था आरोपपत्र
ED ने जुलाई 2025 में वाड्रा के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। इससे पहले अप्रैल 2025 में केंद्रीय एजेंसी ने वाड्रा से लगातार 3 दिन तक पूछताछ की थी।
यह पहली बार था, जब किसी केंद्रीय एजेंसी ने वाड्रा के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। हालांकि, वाड्रा ने सभी आरोपों को खारिज कर इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
इस महीने 4 अप्रैल को हुई सुनवाई में वाड्रा के वकील ने कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग का कोई मामला नहीं बनता।

मामला
वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने फरवरी 2008 में गुरूग्राम के शिकोहपुर में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 3.5 एकड़ का भूखंड 7.5 करोड़ रुपये में खरीदा था।
इसके बाद वाड्रा ने 2012 में जमीन को 58 करोड़ रुपये में रियल एस्टेट कंपनी DLF को बेंच दी।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब हरियाणा में भूमि चकबंदी एवं भूमि अभिलेख महानिदेशक-सह-पंजीयन महानिरीक्षक के पद पर तैनात अशोक खेमका ने इसे राज्य चकबंदी अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए दाखिल खारिज रद्द कर दिया।

जानकारी
2019 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। इसके बाद ED ने अवैध लाभ का शक जताते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। ED 56 वर्षीय वाड्रा के खिलाफ 2 अन्य मामलों की जांच भी कर रही है।