हरियाणा में चिलचिलाती गर्मी का सितम, 40 फीसदी तक घटा पशुओं का दूध

करनाल :हरियाणा में भीषण गर्मी से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त है. वहीं दुधारू पशुओं पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है. आसमान से बरसती आग और 45 डिग्री के करीब पहुंचते तापमान ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है. प्रगतिशील पशुपालक भी अपनी गायों की देखभाल छोटे बच्चों की तरह कर रहे हैं, फिर भी दूध उत्पादन में भारी कमी आ गई है.

स्थानीय पशुपालकों का कहना है कि इस बार गर्मी में पिछले वर्षों की तुलना में करीब 40% दूध घट गया है. करनाल के दादूपुर गांव के प्रगतिशील पशुपालक राजबीर सिंह के फार्म पर इसकी साफ झलक दिख रही है. उनके फार्म पर करीब 200 गायें हैं, जिनमें से 100 दुधारू हैं. राजबीर सिंह ने बताया, “गर्मी का पशुओं पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है. नवंबर-मार्च में जो गाय 60 लीटर दूध देती थी, वह अब 35-40 लीटर ही दे पा रही है. 45 डिग्री तापमान में दिन भर पंखे चलाने, फोगर स्प्रे करने, बार-बार पानी डालने और रात में भी एक आदमी को फोगर-पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है. बिजली चली जाए तो जनरेटर चलाना पड़ता है.”

उन्होंने बताया कि उनके फार्म पर 8 कर्मचारी पूरे समय पशुओं की देखभाल में लगे रहते हैं. चारा डालने और दूध निकालने का काम मशीनों से किया जाता है, लेकिन गर्मी के कारण खर्च तो बढ़ गया है, दूध के दाम नहीं बढ़े. क्रॉस ब्रीड गायों को गर्मी ज्यादा लगती है, इसलिए उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत पड़ रही है.

राजबीर सिंह ने अन्य पशुपालकों से अपील करते हुए कहा- अभी गर्मी और भी बढ़ने वाली है। पशुओं की देखभाल अच्छे से करें, नहीं तो नुकसान और बढ़ेगा. भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को भी घरों तक सीमित कर दिया है, वहीं पशुपालक अब दूध उत्पादन घटने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार अभी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं. ऐसे में पशुपालकों को पशुओं को ठंडा रखने के लिए हर संभव उपाय करने की सलाह दी जा रही है.