हरियाणा मेंऑपरेशन के बाद महिला के पेट में पट्टी छोड़ने वाले केस में नया मोड़, पूर्व डिप्टी CMO ने…

यमुनानगर। गांव बीबीपुर निवासी मेहर खातून का सिजेरियन किए जाने के बाद पेट में पट्टी छोड़े जाने के मामले में शहर जगाधरी थाना पुलिस ने पांच डॉक्टरों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। हालांकि इससे पहले एसडीएम विश्वनाथ इस मामले की जांच कर चुके हैं। उनकी जांच में दो डॉक्टरों की लापरवाही मिली। जिसके बाद अन्य डॉक्टर इस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। एक आरोपित डॉक्टर पूर्व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनूप गोयल का यहां तक कहना है कि महिला के इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई है।

महिला को पांच दिन बाद दोबारा आना होगा लेकिन मरीज नहीं आई। कमेटी ने जांच की है। कमेटी को बयान दे दिए थे। अब ब्लैकमेल करने के लिए बेवजह शिकायत दी जा रही है। मेहर खातून की ओर से दी गई शिकायत में बताया गया कि 12 मार्च 2025 को उन्हें प्रसव के लिए जगाधरी स्थित एसपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि वहां डॉ. सोना गोयल और उनके पति सेवानिवृत्त डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. अनूप गोयल ने मिलकर सिजेरियन ऑपरेशन किया।

ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतते हुए डॉक्टरों ने पेट में सर्जिकल स्पंज छोड़ दिया। इसका पता तब लगा। जब अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दर्द रहने लगा। ऑपरेशन के बाद लगाए गए टांकों की वजह से दर्द रहने लगा। जिसके चलते बूड़िया में एक डॉक्टर को दिखाया। उन्होंने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी।

अल्ट्रासाउंड सेंटर से जांच कराई। आरोप है कि सेंटर के डॉक्टर प्रदीप तहलान ने डॉ. अनूप से मिलीभगत कर नार्मल रिपोर्ट बना दी। इसके बाद दोबारा एसपी अस्पताल में गए। वहां बताया गया कि टांकों की वजह से पस बन गई है। छोटा सा ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई लेकिन उस समय ऑपरेशन नहीं कराया और बूड़िया में अपने जानकार डॉक्टर के पास स्वजन लेकर पहुंचे। उन्होंने दवाई दी।

कुछ दिन तक ठीक रही। बाद में फिर दर्द शुरू हो गया। आरोप है कि 17 अप्रैल को दोबारा मेहता अल्ट्रासाउंड इमेंजिंग सेंटर में अल्ट्रासाउंड कराया। उस समय भी डॉक्टर निखिल मेहता ने गुमराह किया और कह दिया कि पेट में गैस बनी हुई है। इसलिए दर्द रहता है। इसके लिए ऑपरेशन कराना होगा। बाद में पंचकूला के निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां जांच कराई गई तो पता लगा कि सर्जिकल स्पंज छोड़े गए हैं। जिसकी वजह से दर्द हो रहा है। वहां ऑपरेशन हुआ। आरोप है कि डॉक्टरों ने मिलीभगत धोखाधड़ी की। जानबूझकर रिपोर्ट नार्मल बनाई।

एसडीएम ने जांच में यह आया था सामने
इस मामले की जांच एसडीएम विश्वनाथ की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने की। कमेटी की जांच में सामने आया कि महिला की दो बार सर्जरी हुई। पहली सर्जरी एसपी अस्पताल में हुई और दूसरी सर्जरी पंचकूला के ओजस अस्पताल में हुई। जिसमें ओजस अस्पताल की रिपोर्ट व शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत वीडियो और जिला नेगलिजेंस बोर्ड से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर डॉ. सोना गोयल व एक अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ की लापरवाही मिली है। यह मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी उठ चुका है। जिसमें मंत्री ने लापरवाह डॉक्टरों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए। शहर जगाधरी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है के शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।