सरकार चाहे तो उनका शव भी ले ले, किसी मंत्री से नहीं मिलना; आईपीएस पूरन कुमार की IAS पत्नी

हरियाणा के IPS अफसर वाई पूरन कुमार की कथित खुदकुशी के सातनें दिन सोमवार को संकट और गहरा गया, जब पीड़ित परिवार ने दिवंगत अधिकारी का लैपटॉप चंडीगढ़ पुलिस को जांच के लिए देने से इनकार कर दिया। साथ ही उनकी IAS अधिकारी पत्नी अमनीत पी कुमार ने भाजपा के किसी भी मंत्री से मिलने से इनकार कर दिया। अभी तक न तो लाश का पोस्टमार्टम हो सका है और न ही उसका अंतिम संस्कार हो सका है। इस वजह से गतिरोध और बढ़ गया है। दरअसल, IPS अफसर का परिवार मामले में दर्ज FIR में नामजद वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा है।

वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर 11 स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। उनका शव चंडीगढ़ के PGIMER के एडवांस ऑटोप्सी सेंटर में रखा गया है। मामले में गतिरोध बढ़ने के बाद शनिवार को ही शव GMSG-16 से PGIMER स्थानांतरित किया गया था। दूसरी तरफ मृत अधिकारी के परिवार के लिए न्याय की मांग करने के लिए गठित 31 सदस्यीय समिति ने राज्य के पुलिस प्रमुख (DGP) शत्रुजीत कपूर को उनके पद से हटाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।

सरकार चाहे तो उनका शव भी ले ले…
एक तनावपूर्ण घटनाक्रम और बातचीत के दौरान IAS अधिकारी और दिवंगत की विधवा अमनीत पी कुमार ने अपने आवास पर पहुंचे नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा, “आपने अब तक क्या किया है… आप क्या कहना चाहते हैं… हमें आपसे कुछ नहीं चाहिए… आपने मेरे दिवंगत पति के साथ क्या किया है… अगर सरकार चाहे तो उनका शव भी ले सकती है।” जिस वक्त अमनीत सत्ताधारी नेताओं से मिलने से इनकार कर रहीं थीं और उनसे तनावपूर्ण बातचीत कर रहीं थीं, उस वक्त उनके भाई और पंजाब के आप विधायक अमित रतन कोटफत्ता भी उनके साथ थे।

जब तक मांगें पूरी नही, तब तक सहमति नहीं
पूरन कुमार के परिवार ने कहा कि जब तक उसकी मांगों को नहीं मान लिया जाता है तब तक वह शव के पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार की सहमति नहीं देगा। हालांकि, हरियाणा सरकार पूरण कुमार की पत्नी अमनीत पी कुमार को राजी करने का कोशिशों में जुटी है। संबंधित घटनाक्रम में, कथित आत्महत्या मामले की जांच कर रही चंडीगढ़ पुलिस ने रविवार को अमनीत पी कुमार को एक अनुरोध पत्र भेजकर उनसे आग्रह किया गया कि वह ‘ शीघ्र पीएमई (पोस्टमॉर्टम) के लिए शव की पहचान के वास्ते आगे आएं, क्योंकि यह जांच के लिए आवश्यक है।’’ चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा सरकार से मामले की जांच के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ भी मांगे हैं।

पीड़ित परिवार से मिले गवर्नर
इस बीच, हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने कुमार के परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2001 बैच के अधिकारी, 52 वर्षीय कुमार ने सात अक्टूबर को यहां सेक्टर 11 में अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी। कुमार ने मौत से पहले कथित तौर पर लिखे आठ पन्नों के ‘अंतिम नोट’ में, हरियाणा के डीजीपी कपूर और रोहतक के पूर्व पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया समेत आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर कथित तौर पर उन्हें परेशान करने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया है। उन्होंने नोट में कुछ अन्य अधिकारियों द्वारा जाति-आधारित भेदभाव समेत कथित उत्पीड़न का भी विवरण दिया है।