फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद जिले में एक मौलवी के किराए के कमरे से 2,600 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद होने का वीडियो फिर से सामने आया है। यह वीडियो 9 नवंबर का है, यानी उस विस्फोट से ठीक एक दिन पहले का जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी। वीडियो में एक सुनसान इलाके में बने कमरे के अंदर अमोनियम नाइट्रेट से भरे बोरों का ढेर दिखाई देता है। यह कमरा महज़ 1,500 रुपये महीने के किराए पर लिया गया था, जिसने जांच एजेंसियों के संदेह को और गहरा कर दिया है। एजेंसियों को शक है कि गिरफ्तार किए गए दो डॉक्टर शाहीन शाहिद और मुजम्मिल शकील इस विस्फोटक सामग्री और कई कारों की खरीद में शामिल थे। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये दोनों 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी पर हमले की तैयारी में मदद कर रहे थे, जिसके लिए कई कारों को वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस के रूप में इस्तेमाल किया जाना था।
इस बीच एक और गिरफ्तारी
इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर के पंपोर निवासी आमिर को गिरफ्तार किया है। आमिर कथित तौर पर आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी का सहयोगी था। एक वरिष्ठ NIA अधिकारी ने जानकारी दी कि आमिर दिल्ली आया था और रेड फोर्ट विस्फोट में इस्तेमाल की गई i20 कार खरीदने में उसने अहम भूमिका निभाई। एजेंसी ने डॉक्टर उमर से जुड़ी एक और गाड़ी भी जब्त की है, जिसके फोरेंसिक विश्लेषण में विस्फोटक अवशेष, फिंगरप्रिंट और डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। इसके अलावा, यह भी जांच का हिस्सा है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े शाहीन और शकील ने कितनी और कारें खरीदने में मदद की, ताकि बड़े पैमाने पर सीरियल धमाकों को अंजाम दिया जा सके।
अबतक 6 गिरफ्तारियां
एनआईए अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें आमिर राशिद अली और जसीर बिलाल वानी भी शामिल हैं। आरोपी औ वानी को इसलिए पकड़ा गया क्योंकि उमर उसे आत्मघाती हमलावर बनने के लिए राजी करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि वह तैयार नहीं हुआ, लेकिन कथित तौर पर वह जैश-ए-मोहम्मद के ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में जुड़ने को तैयार हो गया था। इस मॉड्यूल की कहानी श्रीनगर में 18-19 अक्टूबर की रात दीवारों पर लगे जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टरों से शुरू हुई। CCTV फुटेज के आधार पर तीन युवकों को पकड़ा गया। पूछताछ में उनके जरिए मौलवी इरफान अहमद तक पहुंचा गया, जिसने पोस्टर उपलब्ध कराए थे। उसकी गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया, जो सीधे फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी तक जुड़ा हुआ था। यहां से 2,900 किलो विस्फोटक बरामद हुआ, जिसने पूरे मामले को सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत गंभीर बना दिया।
2,600kg of terror: Video reveals deadly ammonium nitrate cache hidden in secluded #Faridabad hideout ahead of #DelhiCarBlast
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— The Times Of India (@timesofindia) November 21, 2025