हरियाणा में फिर बदला मौसम, काले बादल ने थामी किसानों की धड़कनें; बारिश को लेकर बढ़ी बेचैनी

यमुनानगर। मौसम के बदलते स्वरूप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को दो दिन की कड़ी धूप के बाद अचानक आसमान में घने बादल छा गए, जिससे कटाई के काम में जुटे अन्नदाताओं के माथे पर बल पड़ गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि बादल बिना बरसे ही छट गए, जिससे एक बड़े नुकसान की आशंका फिलहाल टल गई है। दिनभर तेज ठंडी हवाओं के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

फसल की कटाई पर संकट के बादल
जिले में इस समय गेहूं की सुनहरी फसल पूरी तरह पककर तैयार है। खेतों में कटाई का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। गेहूं के साथ-साथ लहसुन की फसल भी उखाड़ने का समय आ चुका है। दो दिन मौसम साफ रहने के कारण किसानों ने राहत महसूस की थी और तेजी से फसल समेटने में जुट गए थे। शनिवार सुबह सूर्य की पहली किरण के साथ किसानों ने काम शुरू किया, लेकिन कुछ ही देर में आसमान बादलों से घिर गया। दोपहर होते-होते तेज पश्चिमी हवाओं के साथ घटाएं और गहरी हो गईं।

बाकरपुर निवासी किसान सुरेंद्र कुमार, सुनील कुमार और सोमनाथ ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष मौसम की अनुकूलता के कारण गेहूं की पैदावार बहुत अच्छी होने की उम्मीद है। अब जब फसल घर लाने का समय है, तो मौसम का बार-बार बिगड़ना बड़ी बाधा बन रहा है। कटाई में हो रही देरी से न केवल काम बढ़ रहा है, बल्कि दाने की गुणवत्ता और चमक कम होने का भी खतरा बना हुआ है। यदि ओलावृष्टि होती है, तो साल भर की मेहनत मिट्टी में मिल सकती है।

बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति रहें सजक
मौसम में आए इस उतार-चढ़ाव के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनमानस को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डा. कार्तिकेय अग्रवाल ने बताया कि बढ़ती गर्मी, पसीना और वातावरण की नमी त्वचा संबंधी रोगों को निमंत्रण देती है। पसीने के कारण त्वचा पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषकर गर्दन, बगल और पैरों की उंगलियों के बीच फफूंद संक्रमण तेजी से फैलता है। चाव के उपायों पर चर्चा करते हुए चिकित्सक ने कहा कि इस मौसम में सूती और ढीले वस्त्र धारण करना सबसे उत्तम है। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें और दूसरों के तौलिए या वस्त्रों का प्रयोग करने से बचें।

धूप में निकलने से पहले त्वचा की सुरक्षा के लिए उचित लेप का प्रयोग करें। यदि त्वचा पर लाल चकत्ते या खुजली की समस्या हो, तो बिना परामर्श के किसी औषधि का प्रयोग न करें। रात को सोने से पहले ठंडे जल से चेहरा साफ करना लाभदायक रहता है।