हरियाणा की महिलाओं को 2100 रुपये के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर, मोबाइल पर ही करना होगा ये काम

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को राज्य में 25 सितंबर से ‘लाडो लक्ष्मी योजना’ लागू करने की घोषणा की, जिसके तहत पात्र महिलाओं को 2,100 रुपये की मासिक सहायता दी जाएगी। 23 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा। विवाहित और अविवाहित दोनों तरह की महिलाएं होंगी। पहले चरण में वो परिवार शामिल होंगे, जिनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से कम है। पहले चरण में 19 से 20 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा। ‘ लाडो लक्ष्मी योजना ’ लागू करना हरियाणा में बीजेपी के चुनावी वादों में शामिल था। सैनी ने गुरुवार को हरियाणा कैबिनेट की बैठक के बाद इस फैसले की घोषणा की।

सीएम ने कहा कि आने वाले छह-सात दिनों में योजना को लेकर एक ऐप भी लॉन्च किया जाएगा. इसकी मदद से पात्र महिलाएं अपने घर पर बैठकर मोबाइल से ही फॉर्म अप्लाई कर पाएंगी। सीएम सैनी ने कहा कि पहले से चलाई जा रही ऐसी योजना से अधिक राशि का लाभ मिल रहा है, उन महिलाओं 54 दुर्लभ बीमारियों की सूची में से हीमोफीलिया, थैलेसीमिया और सीकर सेल से पीड़ित 54 महिलाओं को पेंशन का लाभ मिल रहा है उन्हें पेंशन के साथ साथ 2100 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

इन महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा
सैनी ने बताया कि मंत्रिमंडल ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना को लागू करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के दिन यानी 25 सितंबर से लागू होगी। सैनी के मुताबिक, इस योजना के तहत सभी पात्र महिला लाभार्थियों को हर महीने 2,100 रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 सितंबर से 23 साल और उससे अधिक आयु की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि चाहे विवाहित हों या अविवाहित, दोनों श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना का फायदा हासिल होगा।

योजना का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा
सैनी के अनुसार, दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के पहले चरण में हमने उन परिवारों को शामिल करने का फैसला लिया है, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस योजना का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक आय वर्ग को भी इसमें शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए अविवाहित महिला का, या फिर अगर वह विवाहित है तो उसके पति का, 15 वर्षों से हरियाणा का निवासी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार में महिला लाभार्थियों की संख्या के लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है। अगर किसी परिवार में तीन पात्र महिलाएं हैं, तो तीनों को इस योजना का लाभ मिलेगा।