सिरमौर: हिमाचल प्रदेश में पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी का पर्दाफाश करते हुए हथियारों के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मामला जिला सिरमौर से जुड़ा है. पुलिस के अनुसार श्री रेणुका जी पुलिस थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ संगड़ाह चौक के समीप गश्त और यातायात जांच पर मौजूद थी.
इसी दौरान माता श्री रेणुका जी मंदिर की ओर से हुटर बजाते हुए दो गाड़ियां बोलेरो और इनोवा तेज गति से आईं. दोनों गाड़ियों पर पुलिस का बोर्ड और हुटर लगे हुए थे, जबकि इनोवा में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहने बैठा था. एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ‘पुलिस की ओर जांच के लिए रुकने का इशारा करने पर दोनों गाड़ियां बिना रुके संगड़ाह की ओर भाग गईं. संदेह होने पर पुलिस ने तुरंत पीछा किया और थाना संगड़ाह और पुलिस चौकी हरिपुरधार को अलर्ट किया गया. सूचना के आधार पर दोनों गाड़ियों को हरिपुरधार में स्थानीय पुलिस ने डिटेन कर लिया.’
हथियार और कारतूस बरामद
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान ‘बोलेरो में चार व्यक्ति सवार थे. चालक ने अपनी पहचान आमिर हुसैन, निवासी चौपाल, जिला शिमला बताई. वहीं, इनोवा में सवार अजय, निवासी जिला करनाल (हरियाणा) के कब्जे से एक रिवॉल्वर, 7 जिंदा रौंद और एक 315 बोर राइफल, 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए. आरोपी ने हथियारों का लाइसेंस पेश किया, जिसकी एरिया वैलिडिटी STATE/NA पाई गई, जो लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है. इसी गाड़ी में पिछली सीट पर बैठा उदय शर्मा निवासी मोहाली (पंजाब) पुलिस की वर्दी पहने हुए था, जिसकी वर्दी पर HPP बैज और कंधों पर तीन-तीन स्टार लगे थे. पूछताछ में वह कभी खुदको विजिलेंस अधिकारी तो कभी CID अधिकारी बताता रहा, लेकिन न तो अपनी पहचान से संबंधित कोई वैध दस्तावेज पेश कर पाया और न ही क्षेत्र में आने का कोई संतोषजनक कारण बता सका.’
पुलिस ने दोनों आरोपियों उदय शर्मा और अजय के खिलाफ थाना श्री रेणुका जी में केस दर्ज के लिया है. जांच में सामने आया है कि उदय शर्मा ही इसका मास्टरमाइंड है. वो अपने साथ बाउंसर साथ लेकर आया था. उसके साथ अन्य लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी कि वो नकली अधिकारी है. फिल्हाल पुलिस ने चार लोगों को छोड़ दिया है, लेकिन उन्हें भी जांच में शामिल किया गया है और उनसे भी पूछताछ की जाएगी. पुलिस ये जानने का प्रयास करेगी कि उदय क्यों पुलिस की वर्दी में बाउंसर साथ लेकर घूम रहा था. क्या सच में उदय के साथ चल रहे लोगों को उसकी करतूत के बारे में नहीं पता था. ये सब जांच के बाद पता चलेगा.