रील के लिए स्टंटबाजी ने ली 22 साल के अनिकेत की जान, मां-बाप सदमे में; मंडी में हाईवे पर चलता है मौत का खेल

मंडी। रात का सन्नाटा। चारों तरफ़ पहाड़ों की ठंडी हवा और सुरंग की दीवारों से टकराती बाइक की हल्की गूंज। कैमरा आन था, लाइट जल रही थी और 22 वर्षीय अनिकेत अपनी नई इंस्टाग्राम रील की शूटिंग में मशगूल था। चेहरे पर मुस्कान, आंखों में जुनून, इस बार कुछ बड़ा करना है। लेकिन किसे पता था कि यह रील उसकी ज़िंदगी का आख़िरी सीन बन जाएगी।

अनिकेत मंडी ज़िले के नागचला का रहने वाला था। बीटेक का छात्र, हंसमुख, सपनों से भरा हुआ और मां-बाप का इकलौता लाडला। हर दिन बाइक पर घंटों राइड करना, नए स्टंट करना और दोस्तों के साथ समय बिताना उसके जीवन का हिस्सा था। इंटरनेट मीडिया पर उसकी रीलें युवाओं में लोकप्रिय थीं। हर रील के बाद उसकी आंखों में चमक और बढ़ जाती, अगली बार कुछ और बड़ा करुंगा।

शनिवार की रात, कीरतपुर-मनाली फोरलेन की मलोरी सुरंग में अनिकेत अपने दोस्तों के साथ गया। हेलमेट पहना, बाइक तैयार और कैमरा रिकॉर्डिंग मोड में। लेकिन कुछ ही सेकंड में बाइक का संतुलन बिगड़ा, तेज झटका लगा और अनिकेत सड़क पर गिर पड़ा। नेरचौक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पहुंचते ही डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बेटे को इस हालत में देख पिता सदमे में
पिता सुभाष चंद बेटे का चेहरा देखते ही सदमे में है। आंखों में सन्नाटा, होंठ कांपते हुए, बस यही सवाल बार-बार दिमाग में घूम रहा था: बेटा, तू हर दिन कहता था, मैं उड़कर दिखाऊंगा… और अब तू इस तरह चला गया।

मां बिलखते हुए बोल रही हर बार कहती थी धीरे चल
मां बार-बार बेटे की पुरानी रीलें देख रही हैं। उसकी तस्वीरों को छू रोते हुए कहती हैं कि हर बार कहती थी, बेटा धीरे चलाया कर… और वह हमेशा मुस्कराकर जवाब देता था मां, मुझे आता है। अब वही मुस्कान बस याद बनकर रह गई है। गांव में मातम पसरा हुआ है।

हाईवे पर मौत का खेल
मंडी में बने फोरलेन हाईवे पर रात के समय मौत का खेल चलता है। युवा बाइक पर स्टंट करते हैं और इन लम्हों को कैमरे में कैद कर रील बनाते हैं। रात के समय जब वाहन कम होते हैं तो बाइक सवार स्टंट करने निकल पड़ते हैं। पुलिस की भी अब तक इन पर खास नजर नहीं है।

लाइक्स और व्यूज की चमक में खाई पीढ़ी के लिए चेतावनी
थाने के बाहर पड़ी अनिकेत की बाइक अब ख़ामोश है, जिस पर बैठ कर वह री्ले बनाता था। अनिकेत की मौत सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि उस पीढ़ी के लिए चेतावनी है जो लाइक्स और व्यूज की चमक में असली ज़िंदगी को भूल बैठती है। कुछ सेकंड की खुशी ने एक मां-बाप के सपनों, खुशियों और भरोसे को हमेशा के लिए तोड़ दिया।