हिमाचल में महंगाई के बीच बड़ा झटका! सुक्खू सरकार ने होटल, अस्पताल समेत 10 श्रेणियों में लगाया नया सेस

शिमला. हिमाचल प्रदेश में सुक्खू सरकार ने बिजली उपभाक्ताओं को बड़ा झटका दिया है. सरकार ने 10 व्यवसायिक श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं पर नया उपकर (सेस) लगाया है. इसके तहत प्रति यूनिट बिजली एक रुपये महंगी हो जाएगी. प्रदेश ऊर्जा विभाग की ओर से इस संबंध मे 8 मई 2026 को अधिसूचना जारी की गई है. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. अधिसूचना के मुताबिक, सरकार ने यह फैसला हिमाचल प्रदेश विद्युत (ड्यूटी) अधिनियम, 2009 की धारा 3-बी के तहत लिया गया है. सरकार ने सार्वजनिक हित में उप-धारा 1 के अंतर्गत नई उपभोक्ता श्रेणियों को शामिल किया है।

इन श्रेणियों पर लगेगा 1 रुपये प्रति यूनिट सेस
सरकार ने आदेश दिया है कि हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) इन सभी श्रेणियों से निर्धारित दर पर सेस की वसूली करेगा. ऊर्जा विभाग के सचिव (एमपीपी एवं पावर) राकेश कंवर की ओर से जारी की गई है. ऐसे में इस फैसले से राजस्व में बढ़ोतरी होगी. गौर रहे कि हिमाचल में कर्मशियल कनेक्शन पर 6.37 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल आता है और अब प्रति यूनिट में एक रुपये का इजाफा होगा.

घेरलू उपभोक्ताओं पर भी लगाया था
इससे पहले, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं पर सेस लगाया था और प्रति यूनिट 10 पैसे वसूली की जा रही है. सरकार ने अब 2 मीटरों पर ही बिजली 125 यूनिट मुफ्त देने के आदेश जारी किए हैं. अप्रैल में नए वित्त वर्ष के लिए सरकार ने एक पैसे बिजली सस्ती की थी. गौर रहे कि हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक के घाटे में चल रहा है.

अब तक कितने सेस लगा रही है सरकार
फरवरी 2025 में लगा था दूध और पर्यावरण सेस
हिमाचल प्रदेश में फरवरी 2025 में बिजली बिल पर दूध और पर्यावरण सेस लगाने का फैसला सरकार ने किया था. इसके बाद घरेलू उपभोक्ताओं के दस पैसे प्रति यूनिट और अन्य के दो पैसे से छह रुपये प्रति यूनिट तक बिजली के दाम बढ़े थे. घरेलू उपभोक्ताओं पर सिर्फ दूध सेस लगाया गया था. हालांकि, अन्य सभी श्रेणियों पर दूध और पर्यावरण सेस दोनों लगाए गए थे. बाद में सरकार ने दिसंबर 2025 में बैंकिंग, वित्त और बीमा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों पर प्रति यूनिट बिजली खपत पर दो रुपये की दर से सेस लगाया था. लगातार सरकार आर्थिक संकट में है और इससे निपटने के लिए जनता पर बोझ डाल रही है.