शिमला: हिमाचल प्रदेश के शिमला में शुक्रवार देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में बोलेरो कार खाई में गिरने से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस की टीम ने ग्रामीणों की मदद से खाई में गिरे शवों को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
शिमला जिले के चौपाल उपमंडल के तहत नेरवा थाना क्षेत्र में शुक्रवार आधी रात के करीब दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। नेरवा से लगभग 3 किलोमीटर दूर दियांडली सड़क पर बोलेरो कैंपर (नंबर HP08A-2578) अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त दोनों युवक बोलेरो गाड़ी से देर रात घर की ओर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान प्रज्ज्वल उर्फ गोलू तंगडाईक (उम्र लगभग 28 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय ओमप्रकाश तंगडाईक, निवासी गांव दियांडली, डाकघर व तहसील नेरवा जिला शिमला और मनोज उर्फ जोंटी बनाईक (उम्र लगभग 27 वर्ष), पुत्र केदार सिंह बनाईक, निवासी गांव दियांडली, डाकघर व तहसील नेरवा जिला शिमला के रूप में हुई है।
डीएसपी चौपाल सुशांत शर्मा ने शनिवार सुबह इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसे में दो युवकों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वाहन में कोई और सवार न हो। उन्होंने कहा कि शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। नेरवा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
इस बीच स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। दो युवाओं की अचानक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मॉनसून सीजन में सड़क हादसों में गई 168 लोगों की जान
राज्य में इस मॉनसून सीजन (20 जून से अब तक) में वर्षा जनित हादसों में 386 लोगों की मौत हुई है। इनमें 168 लोग सड़क हादसों में मारे गए हैं। मंडी जिला में हुए सड़क हादसों में सबसे ज्यादा 24 लोगों की जान गई है। वहीं, चम्बा में 22, कांगड़ा में 21, सोलन में 20 और शिमला में 18 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है।