हिमाचल में हर हाल में पूरा कर ले ये काम, नहीं तो दो दिन बाद पेंशन की हो जाएगी टेंशन

शिमला: हिमाचल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की सुविधा का लाभ लेने वालों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण खबर है. प्रदेश भर में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले बुजुर्ग, विधवा, विकलांग और अन्य लाभार्थियों को 30 सितंबर तक ई-केवाईसी (eKYC) करानी होगी. यानी लाभार्थियों को हर हाल में दो दिन के भीतर ई-केवाईसी (eKYC) कराना अनिवार्य है. ऐसे में तय समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं करने वालों की पेंशन अटक सकती है. यानी, चूक हुई तो भविष्य में आपके खाते में पेंशन पड़ने में दिक्कत हो सकती है. इस तरह से जिन लाभार्थियों ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है, उनके लिए अब इस काम को पूरा करने के लिए बहुत कम समय बचा है.

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तहत सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनरों की ई-केवाईसी, ई-कल्याण मोबाइल ऐप के जरिए करवाने के लिए विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया है. जो जिला, तहसील, पंचायत व स्थानीय आंगनवाड़ी स्तर पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए चल रहा है. इसमें सभी पेंशनरों के आधार कार्ड, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर पूर्ण स्थाई पते सहित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सत्यापित किए जा रहे हैं. इस विशेष अभियान के तहत प्रदेश में कई पेंशनरों का सत्यापन कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन अभी भी बहुत से लाभार्थियों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है. ऐसे में उन्हें नई जानकारी सत्यापित न कराने पर विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे नए पोर्टल के कारण खाते में पेंशन पड़ने में दिक्कत आ सकती है. विभाग ने सभी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा/परित्यक्ता /एकल नारी पेंशन, दिव्यांग राहत भत्ता, कुष्ठ रोगी भत्ता और ट्रांसजेंडर पेंशनर 30 सितंबर तक अपने सभी दस्तावेजों की नई जानकारी सहित स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से पेंशन सत्यापन की समयसीमा तय की है.

किस जिले में कितने पेंशनर्स?

प्रदेश में कुल 8,31,161 लाभार्थी सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं. इसमें कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 1,82,200 जरूरतमंद तबका योजना का लाभ ले रहे हैं. इसी तरह से मंडी जिले में 1,38,155, हमीरपुर में 53,784, बिलासपुर जिले में 49,888, सोलन जिले में 52,614, ऊना जिले में 70,093, शिमला जिले में 89,880, सिरमौर जिले में 61,183, कुल्लू जिले में 56,294, चंबा जिले में 56,732, किन्नौर जिले में 9,358 व लाहौल स्पीति जिले में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की सुविधा लेने वाले लाभार्थियों की संख्या 2,835 है. इसके अलावा काजा में 807, पांगी में 2098, भरमौर में 4406, डोडरा क्वार में 834 जरूरतमंद सामाजिक सुरक्षा पेंशन की सुविधा का लाभ ले रहे हैं.

किसको मिल रही कितनी पेंशन

हिमाचल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत महिला लाभार्थियों को हर महीने 1500 रुपए पेंशन दी जा रही है. इसमें इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम, ओल्ड एज पेंशन, इंदिरा गांधी नेशनल विडो पेंशन स्कीम, विडो, इंदिरा गांधी नेशनल डिसेबिलिटी पेंशन, DRA के तहत महिला कुष्ठ रोगियों को हर महीने 1500 रुपए पेंशन दी जा रही है. प्रदेश में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना लागू होने के बाद महिला लाभार्थियों को 1500 रुपए पेंशन मिल रही है. वहीं, प्रदेश में इंदिरा गांधी नेशनल ओल्ड एज पेंशन स्कीम, ओल्ड एज, पुरुष कुष्ठ रोगी पेंशन स्कीम के तहत लाभार्थियों को हर महीने 1000 रुपए पेंशन दी जा रही है. इसके अलावा इंदिरा गांधी नेशनल डिसेबिलिटी पेंशन के तहत पुरुष लाभार्थियों को 1150 सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त हो रही है. वहीं, प्रदेश में 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को हर महीने 1700 रुपए मासिक पेंशन दी जाती है.

सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर सालाना ₹1400 करोड़ खर्च

किसी भी कल्याणकारी राज्य का नागरिकों के जीवन-स्तर को सुधारना और उन्हें सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना मुख्य मकसद होता है. हिमाचल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए लागू की गई है. प्रदेश सरकार इस योजना पर हर साल करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. जिससे लाखों लाभार्थियों को सीधा लाभ मिलता है. इसके तहत वृद्धजन, विधवा, दिव्यांगजन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को जनजातीय क्षेत्रों में साल में 2 बार और गैर जनजातीय क्षेत्रों में त्रैमासिक आधार पर साल में 4 बार पेंशन की अग्रिम किश्त मिलती है, ताकि समाज का सबसे जरूरतमंद तबका सम्मानजनक जीवन जी सके. सामाजिक सुरक्षा पेंशन की यह योजना न केवल सामाजिक न्याय की दिशा में एक कदम है, बल्कि कमजोर तबकों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास भी है.