शिमला. हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने अपनी एक और गारंटी को पूरा करने की कवायद शुरू कर दी है. हालांकि, यह गारंटी भी आधी अधूरी ही पूरी होने जा रही है. क्योंकि सरकार ने जहां प्रदेश की पूरी आबादी को मुफ्त 300 बिजली यूनिट देने का वादा किया था, लेकिन अब केवल बीपीएल परिवार को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा.
दरअसल, बिजली विभाग ने अब गरीबी रेखा से नीचे परिवारों से आवेदन जमा करवाने के लिए कहा गया है. ऊना जिले के भरवाईं बिजली उपमंडल की ओर से बताया गया कि सभी बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करवाएं. इसके लिए उपभोक्ताओं को आधार कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड (या बीपीएल प्रमाण-पत्र) तथा नवीनतम बिजली बिल की प्रति जमा करवानी होगी, ताकि पात्रता का सत्यापन किया जा सक.
सहायक अधिशासी अभियंता त्रिलोक चंद शर्मा ने कहा कि सभी पात्रों से अनुरोध है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए आपने दस्तावेज यथाशीघ्र जमा करवाएं.
गौर रहे कि कांग्रेस की यह गारंटी सभी लोगों के लिए थी और प्रदेश में सभी 28 लाख उपभोक्ताओं को 300 यूनिट फ्री का वादा कांग्रेस ने किया था. लेकिन अब केवल बीपीएल परिवारों को ही फायदा मिलेगा. सीएम सुक्खू ने बजट भाषण में केवल बीपीएल परिवारों को ही मुफ्त 300 यूनिट बिजली देने का ऐलान किया था. हिमाचल प्रदेश की पूरी आबादी को मुफ्त 300 बिजली यूनिट देने का वादा किया था.
125 यूनिट फ्री, लेकिन उसके लिए भी शर्तें
गौर रहे कि जयराम सरकार ने 125 यूनिट फ्री बिजली योजना शुरू की थी. लेकिन इसमें भी अब बिल आ रहे हैं. जिनकी रोजाना खपत चार यूनिट से अधिक है लेकिन महीने में कुल खप 125 यूनिट से कम है तब भी बिजली का बिल आएगा. अहम बात है कि इसमें भी अब सरकार एक उपभोक्ता को केवल 2 ही मीटरों पर मुफ्त 125 यूनिट बिजली देगी. इसके अलावा, साथ ही सुक्खू सरकार ने फ्यूल चार्जिस का बड़ा बोझ भी जनता पर डाला है. इसमें 100 यूनिट की खपत पर 33 रुपये फ्यूल सेस लगाया गया है. फिलहाल, बिजली के बिलों को लेकर लोग सरकार से नाराज हैं.