धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ की गई थी। इस पर बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में दसवीं की परीक्षा के दौरान बिलासपुर जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला झंडूता केंद्र में उत्तर पुस्तिकाओं के साथ छेड़छाड़ की गई थी।
इसकी पुष्टि फोरेंसिक जांच में हो गई है। बोर्ड ने प्रभावित छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए नियमानुसार उन्हें अंकों का लाभ देने का निर्णय लिया है। मामले से जुड़े सभी दस्तावेज और जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपकर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है। जांच में पता चला है कि उत्तर पुस्तिकाओं के पैकिंग लिफाफे बदले गए थे।
झंडूता केंद्र पर 40 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें राजकीय उच्च पाठशाला ज्योरा के 11 बच्चे भी शामिल थे। परीक्षा के बाद कला संकाय विषय के नौ छात्रों ने उनकी उत्तर पुस्तिकाओं के बहुविकल्पीय प्रश्न भाग में छेड़छाड़ (टैंपरिंग) होने की लिखित शिकायत बोर्ड से की थी। डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि छात्रों को अक्टूबर 2025 में बोर्ड मुख्यालय बुलाकर विशेषज्ञों के सामने उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई गईं। इसके बाद सच सामने लाने के लिए प्रतियों को क्षेत्रीय फारेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला धर्मशाला भेजा गया। जांच में उत्तर प्रस्तिकाओं से छेड़छाड़ की बात सही पाई गई।
विद्यार्थियों के हित सुरक्षित रहेंगे: डॉ. राजेश
स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि प्रभवित छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करना प्राथमिकता है। विशेष जांच समिति की सिफारिशों के आधार पर बोर्ड ने निर्णय लिया है कि जिन प्रश्नों के साथ छेड़छाड़ हुई है, प्रभावित छात्रों को नियमानुसार उनका पूरा लाभ (अंक) दिया जाएगा। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
लिफाफे बदलने के खेल से हुआ पर्दाफाश
फारेंसिक रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद बोर्ड की गठित विशेष जांच समिति के हाथ चौंकाने वाला सुबूत लगा। पाया गया कि उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए जिन “टैंपर-प्रूफ” लिफाफों का इस्तेमाल किया था, उनके सीरियल नंबर पैकिंग मेमो में दर्ज नंबरों से मेल नहीं खा रहे थे। इससे साफ हो गया कि परीक्षा केंद्र या उसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं के लिफाफों की अदला-बदली (इंटरचेंज) की गई थी।