कांगड़ा. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा में एसडीएम कार्यालय के बाहर वृद्ध समाजसेवी देशबंधु जामला पर मिट्टी का तेल फेंकने, मुंह काला करने और जूतों की माला पहनाने की कोशिश करने वाली महिला आशा देवी अब मीडिया के सामने आ गई है. मंगलवार को देहरा के बालाजी हवेली होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महिला ने कहा कि उसने जो कुछ किया, वह वर्षों से झेले जा रहे उत्पीड़न और मानसिक दबाव के चलते किया.
आशा देवी ने बताया कि वह 2011 में तलाक के बाद अपनी माता बिमला देवी के पास रक्कड़ में रहने लगी थी. इसी दौरान देशबंधु जामला उनके घर आते-जाते थे और कहते थे कि उनकी बेटी का रिश्ता उनके साथ करवा दो. जब मां ने मना कर दिया, तो देशबंधु ने उसके साथ खुन्नस निकालनी शुरू कर दी. बाद में जब उसकी शादी सुनील नामक युवक से करवा दी गई, तो देशबंधु ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि “दलित से शादी क्यों की.”
महिला ने बताया कि “देशबंधु आज भी हमें जीने नहीं दे रहा. वह मुझसे कहता है कि सुनील से तलाक लेकर मुझसे शादी कर लो.” आशा देवी ने बताया कि वर्ष 2024 में उनकी माता बिमला देवी ने उन्हें एक कनाल जमीन दी थी, जबकि उनके भाई को नौ कनाल. “देशबंधु ने इस पर आपत्ति उठाई और एसडीएम देहरा के पास अपील दायर कर दी. उन्होंने यह तक कह दिया कि मैं बिमला देवी की बेटी नहीं हूं.” महिला ने कहा कि जमीन का फैसला उनके पक्ष में हो चुका है, लेकिन देशबंधु बार-बार शिकायतें कर उन्हें परेशान कर रहा है. आशा देवी ने कहा, “मैंने जो किया, वह गुस्से में किया, क्योंकि अब सहन नहीं हो रहा था.”
वहीं दूसरी ओर, सोमवार को देहरा में समाजसेवी देशबंधु जामला के समर्थन में रोष प्रदर्शन हुआ. वरिष्ठ नागरिक मंच, भाजपा पदाधिकारी, आरएसएस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मिनी सचिवालय के बाहर एकत्र हुए और एसडीएम देहरा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के रवैये को पक्षपाती बताते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारियों के तबादले की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि “जब तक मामला मीडिया में नहीं आया, तब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई और आरोपी महिला को थाने में विशेष मेहमान की तरह रखा गया.” बीजेपी जिलाध्यक्ष अजय खट्टा, महासचिव सुशील कालिया, भाजपा नेता अचल पठानिया, पवन शर्मा (विश्व हिंदू परिषद), सुरेंद्र सूद, रंजीत चौहान, अंजना डोगरा, शिमला देवी, सोनिका ठाकुर सहित कई लोग प्रदर्शन में मौजूद रहे. एसपी देहरा मयंक चौधरी से मिले प्रतिनिधिमंडल को उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा.
मामला चर्चा में
ज्ञात रहे कि शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट देहरा में पेशी के दौरान महिला ने वृद्ध समाजसेवी देशबंधु जामला पर मिट्टी का तेल फेंका, मुंह काला किया और जूतों की माला पहनाने की कोशिश की थी. पुलिस ने मौके पर स्थिति संभाली थी. देशबंधु जामला रक्कड़ क्षेत्र के निवासी हैं और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं. वे पहले भी जनहित के मुद्दों पर आमरण अनशन कर चुके हैं. मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात रख रहे हैं. पुलिस ने कहा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सत्य सामने आने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.