Heat Wave Alert: इन दिनों देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है. आलम ये है कि हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी मैदानी से लेकर पहाड़ तक तप रहे हैं. आसमान से बरसी आग से लोग परेशान है. ऐसे में हिमाचल में भी लू और हीटवेव का खतरा बना हुआ है. जिसे देखते हुए हिमाचल स्वास्थ्य विभाग ने लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की संभावित परिस्थितियों को देखते हुए एडवाइजरी जारी किया है.
हिमाचल में मैदानी क्षेत्र से लेकर पहाड़ी तक में तापमान हाई चल रहा है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों में बीते दिन हुई बारिश से तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है. हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी किया है.
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. ऐसे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. डॉ. शशि दत्त शर्मा ने कहा, ‘अत्यधिक गर्मी और लू स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. समय रहते सावधानी अपनाकर हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है’.
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नागरिकों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए. प्यास न लगने पर भी पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थों का नियमित सेवन करना चाहिए.
डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली और उल्टी होना हीट एग्जॉशन के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं. वहीं, शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाना, त्वचा का गर्म एवं शुष्क हो जाना, भ्रम की स्थिति, बेहोशी या अचानक गिर जाना तथा दौरे पड़ना हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं, जो एक चिकित्सीय आपातकाल है.
हीट एग्जॉशन के प्रमुख लक्षण
अत्यधिक पसीना आना
कमजोरी महसूस होना
सिरदर्द और चक्कर आना
मांसपेशियों में ऐंठन
मतली और उल्टी होना
शरीर का तापमान अत्यधिक बढ़ जाना
त्वचा का गर्म एवं शुष्क हो जाना
भ्रम की स्थिति, बेहोशी या अचानक गिर जाना
दौरे पड़ना
Note:- इन लक्षणों के दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें
सीएमओ ने कहा कि गर्मी और हीटवेव से बचने के लिए लोगों को हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनें चाहिए. घर से बाहर निकलते समय छाता, टोपी, चश्मा और उपयुक्त जूतों का उपयोग करें. चाय, कॉफी, शराब और अधिक शर्करा युक्त ठंडे पेय पदार्थों के अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए. इसके अतिरिक्त बासी, अत्यधिक मसालेदार और भारी भोजन के सेवन को भी सीमित रखने की सलाह दी गई है.
हीटवेव से कैसे करें बचाव?
धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए
हल्के रंग के ढीले एवं सूती कपड़े पहनें
बाहर जाते समय छाता, टोपी, चश्मा और जूते पहनें
12 बजे से 3 बजे के बीच के बाहर जाने से बचे
प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पीये
ORS, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और नारियल पानी पीये
गर्मी में क्या न करें?
अत्यधिक चाय, कॉफी और शराब की सेवन ना करें
अधिक शर्करा युक्त ठंडे पेय के अत्यधिक सेवन से बचे.
बासी, अत्यधिक मसालेदार और भारी भोजन करने से बचे
सीएमओ ने कहा कि घरों को ठंडा रखने के लिए पर्दों, पंखों और उचित वेंटिलेशन का उपयोग किया जाए. बच्चों और पालतू जानवरों को किसी भी स्थिति में बंद वाहनों में अकेला न छोड़ा जाए. बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बाहर कार्य करने वाले श्रमिकों का विशेष ध्यान रखा जाना आवश्यक है.