शिमला। प्रदेश में हो रहे पंचायतीराज चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करवाने के लिए विभिन्न विभागों से अतिरिक्त गाड़ियां मांगी गई हैं। ये गाडियां पर्यवेक्षकों और चुनावी ड्यूटी में निगरानी में लगे कर्मचारियों और अधिकारियों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। इस संबंध में खंड विकास अधिकारियों ने गाडियों की डिमांड भेजी है। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तीन चरण में जिसमें 26, 28 और 30 मई को मतदान होगा।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों के साथ उड़ने दस्तों ने जांच निगरानी को बढ़ा दिया है। चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और निगरानी टीमों की आवाजाही के परिवहन निगम से बसों के अलावा सरकारी गाड़ियों की व्यवस्था की गई है।
सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिला और खंड स्तर पर गठित टीमें लगातार क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं। इनमें उड़नदस्ते, पर्यवेक्षक, सेक्टर अधिकारी और निगरानी टीमें शामिल हैं। दूरदराज पंचायतों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कई स्थानों पर निजी वाहनों को भी आवश्यकता अनुसार उपयोग किया जा रहा है। बीडीओ स्तर पर वाहनों की उपलब्धता, चालक और ईंधन की व्यवस्था को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। चुनाव सामग्री और मतदान कर्मियों को मतदान केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भी वाहनों की अलग से व्यवस्था की गई है।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के निर्देश
चुनाव आयोग संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके तहत अतिरिक्त स्टाफ को तैनात किया जाएगा। इन क्षेत्रों में अधिकारियों की लगातार आवाजाही रहेगी, जिसके चलते अतिरिक्त वाहनों की आवश्यकता महसूस की गई है।