हिमाचल: मरीज को पीटने वाले डॉक्टर के समर्थन में उतरे सभी डॉक्टर्स, एक दिन की छुट्टी पर गए, अब सरकार क्या करेगी

शिमला: हिमाचल प्रदेश के सभी डॉक्टर शुक्रवार को सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इन डॉक्टर्स ने शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। यह फैसला शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) में एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर राघव नरूला की सेवा समाप्ति के विरोध में लिया गया है। डॉक्टर पर एक मरीज के साथ मारपीट का आरोप है। बता दें कि सरकार ने डॉ. राघव नरूला की सेवाएं समाप्त कर दी थीं। आंतरिक जांच में उन्हें दोषी पाया गया था। सोमवार को हुई घटना की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट में मरीज अर्जुन सिंह (34) और डॉ. नरूला दोनों को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के निदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. नरूला उनकी सेवाएं रेजिडेंट डॉक्टर पॉलिसी-2025 के क्लॉज 9 के तहत तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई थीं।

डॉक्टर्स ने सीएम से की मुलाकात
वहीं इस बीच रजिडेंट डॉक्टर एसोशिएसन ने सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की है। सीएम से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बातचीत में एसोशिएशन के अध्यक्ष डॉ. सोहेल शर्मा ने बताया कि सीएम ने कहा कि दोबारा इस मामले में जाएगी की जाएगी। उन्होंने कहा कि भीड़ ने पल्मोनरी विभाग के बाहर भीड़ ने जो हंगामा किया था, उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए दोबारा गाइडलाइन जारी की जाएगा। उन्होंने कहा कि ज्वाइंट एक्शन कमेटी अब आगे हड़ताल होगी या नहीं इस पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि आज ही जनरल हाउस कंडक्ट किया जाएगा और फिर आगे की जानकारी दी जाएगी।

डॉक्टरों के साथ मारपीट करने का आरोप
वहीं उन्होंने बताया कि जिस दिन शिमला में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग और वार्ड में हंगामा हुआ था, उस दौरान डॉक्टरों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया था। इस मामले में भी मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। आंदोलन को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, इस पर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन आईजीएमसी, अन्य यूनियनों और संयुक्त एक्शन कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में जनरल हाउस के माध्यम से आगे की रणनीति और कार्रवाई को लेकर फैसला लिया जाएगा।