चंबा: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और इरादे फौलादी, तो गरीबी भी रास्ता नहीं रोक सकती। हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के चुराह उपमंडल की दो सगी बहनों ने इस बात को सच कर दिखाया है। ग्राम पंचायत सत्यास के ध्यास गांव की कोमल भारती और सेजल भारती ने अपने पहले ही प्रयास में ‘यूजीसी-नैट जेआरएफ’ (UGC-NET JRF) की कठिन परीक्षा पास कर ली है।
सगी बहनें कोमल भारती और सेजल भारती
कोमल और सेजल एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता मनसा राम ने अपनी बेटियों के सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत की। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने दिहाड़ी-मजदूरी की और बैंक से कर्ज लेकर अपनी बेटियों की पढ़ाई का खर्च उठाया। उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई बच्चों की शिक्षा पर लगा दी।
दोनों बहनों ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल बैरागढ़ से पूरी की। इसके बाद वे कोचिंग के लिए धर्मशाला गईं। उनकी यह सफलता न केवल उनकी कड़ी मेहनत, बल्कि उनके पिता के अटूट विश्वास का भी परिणाम है।
आज कोमल और सेजल पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि बेटियां किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं होतीं। खुशी की बात यह भी है कि इनका भाई भी वर्तमान में यूपीएससी (UPSC) की तैयारी कर रहा है। गरीबी और संसाधनों की कमी के बावजूद इन बहनों ने हार नहीं मानी। पिता मनसा राम के लिए आज गर्व का दिन है। जिस मेहनत की नींव उन्होंने रखी थी, आज उनकी बेटियों ने उस पर सफलता की बुलंद इमारत खड़ी कर दी है।