शिमला: हिमाचल प्रदेश में चार दिनों के भीतर दो बड़े अग्निकांड के बाद अग्निशमन विभाग ने लोगों से विशेष एहतियात बरतने का आग्रह किया है। विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार सिलिंडर को घरों में रसोईघर से बाहर खुले में रखना चाहिए, जिससे लीकेज होने पर गैस हवा में फैल जाए। साथ ही एलपीजी सेफ्टी गाइडलाइन के अनुसार सिलिंडर की एक्सपाइरी डेट जांचनी चाहिए। सिलिंडर के नेक रिंग पर ए, बी, सी, डी और वर्ष लिखा होता है, जो एक्सपाइरी डेट होती है। तय अवधि के बाद सिलिंडर का उपयोग कानूनन सुरक्षित नहीं माना जाता।
अक्षर ए, बी, सी, डी सिलिंडर के टेस्टिंग महीनों को दर्शाते हैं। ए जनवरी, फरवरी, मार्च, बी अप्रैल, मई, जून, सी जुलाई, अगस्त, सितंबर और डी अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर। इसके साथ अंक भी लिखे होते हैं, जैसे 27, यह साल दर्शाते हैं। अगर सिलिंडर पर डी-27 लिखा है, तो इसका मतलब है कि यह सिलिंडर अक्तूबर से दिसंबर 2027 के बीच एक्सपायर हो जाएगा और उस अवधि में इसका अनिवार्य परीक्षण होना चाहिए। डिलिवरी लेते समय यदि सिलिंडर पर लिखी डेट एक्सपाइर हो गई है तो ऐसा सिलिंडर लेने से इन्कार किया जा सकता है। साथ ही सिलिंडर को अंगीठी, हीटर या अलाव के पास न रखें। सिलिंडर पर कपड़ा सुखाना या ढकना भी खतरनाक हो सकता है।
आप जो गैस सिलेंडर इस्तेमाल कर रहे हैं उसमें ये जरूर चेक करें कि कहीं वो लीक तो नहीं है। अगर ऐसा है तो लीक सिलेंडर का इस्तेमाल करने से बचें, वरना कोई बड़ा हादसा तक हो सकता है। इसलिए गैस सिलेंडर लेते समय लीकेज जरूर चेक करें।
लीक हो रही है गैस, तो क्या करें?
अगर आपको पता चल गया है कि आपके गैस सिलेंडर से गैस लीक हो रही है तो सबसे पहले तो रेगुलेटर को बंद करें और फिर रेगुलेटर को हटाकर सिलेंडर पर लगे सेफ्टी ढक्कन को लगा दें और उसे अलग रख दें। ध्यान रहे कि माचिस, लाइटर न जलाएं और घर के दरवाजे और खिड़कियां खोल दें।
चार दिन में दो बड़े अग्निकांड
सोलन के अर्की बाजार में रविवार देर रात करीब 2:30 बजे हुए अग्निकांड में 5 भवन और 8 दुकानें जल गईं। इस हादसे में 10 लोग जिंदा जल गए। गैस सिलिंडर ब्लास्ट से एक घर में कई एलपीजी सिलिंडरों का विस्फोट होने के बाद भीषण आग फैल गई। सिरमौर जिले के नौहराधार में बुधवार देर रात घर में आग लगने के बाद सिलिंडर फट गया। कमरे में अंगीठी रखी थी, 3 बच्चों सहित 6 लोग जिंदा जल गए।
यह सावधानी बरतें
सिलिंडर हमेशा हवादार जगह में रखें, बंद कमरे या बेसमेंट में नहीं।
रसोई में खिड़की या एग्जॉस्ट फैन जरूर हो।
खाना बनाते समय सिडर को सीधा और स्थिर रखें।
रेगुलेटर ढीला या जंग लगा हो तो तुरंत बदलवाएं।
पाइप को चूल्हे की आंच से दूर रखें।
गैस लीकेज की पहचान
गैस की गंध आए तो तुरंत रेगुलेटर बंद करें। दरवाजे-खिड़कियां खोलें। माचिस, लाइट, मोबाइल या बिजली के स्विच न चलाएं। साबुन के झाग से पाइप और रेगुलेटर में लीकेज की जांच करें।
आपात स्थिति में क्या करें?
आग लगने पर 101 या 112 पर तुरंत सूचना दें।
हल्का रिसाव हो तो गीला कपड़ा या फायर एक्सटिंग्विशर इस्तेमाल करें।
गैस सिलिंडर खुद नहीं फटता, लापरवाही उसे विस्फोट में बदल देती है। इसलिए एलपीजी सिलिंडर के उपयोग में सावधानी बरतें। सिलिंडर किचन से बाहर खुले में रखें। घर में अधिक संख्या में सिलिंडर स्टोर करना गैर कानूनी है। समय-समय पर सिलिंडर, गैस पाइप और रेगुलेटर की जांच अवश्य करते रहें, नियमों का पालन और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। – संजीव कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी