हिमाचल पुलिस को सुखविंदर सरकार की तरफ से राहत, अब बसों में सफर के लिए नहीं होगी इस कार्ड की जरूरत

शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस के हजारों कर्मचारियों के लिए सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने एक राहत दी है. राज्य पुलिस के कर्मचारियों को अब सरकारी बसों में यात्रा के लिए हिम बस कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी. उन्हें बसों में सफर करने के लिए अब हिम बस कार्ड बनाना अनिवार्य नहीं होगा.

शिमला में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया, ‘हिमाचल प्रदेश पुलिस के जवानों के लिए अब एचआरटीसी बसों में सफर के लिए हिम बस कार्ड बनवाना अनिवार्य नहीं होगा. राज्य सरकार का ये फैसला लेने का मकसद यही है कि सरकारी काम को लेकर सफर करने वाले पुलिसकर्मी आसानी से यात्रा कर सकें. साथ ही उन पर अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा’.

उल्लेखनीय है कि हजारों पुलिसकर्मी समन देने और अन्य सरकारी कार्यों से एचआरटीसी की बसों में सफर करते हैं. सीएम ने स्पष्ट किया कि कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी पहले से ही अपने वेतन से एक तय राशि एचआरटीसी को देते हैं. ऐसे में डिजिटल हिम बस कार्ड के लिए अलग से पैसे लेना सही नहीं होगा. अब राज्य पुलिस के कर्मचारी अपने विभाग की तरफ से जारी किए गए आईडी कार्ड और मैनुअल पास दिखाकर राज्य पथ परिवहन निगम की बस में सफर कर सकेंगे. अब आईडी कार्ड व मैनुअल पास ही सफर के लिए वैध माना जाएगा.

सीएम ने कहा कि पुलिस को ड्यूटी और जांच के सिलसिले में राज्य में कई स्थानों पर घूमना पड़ता है. डिजिटल वेरिफिकेशन की वजह से उनके काम में देरी न हो, इसलिए उन्हें यह छूट दी गई है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले हिमाचल के हजारों पुलिस जवानों को बड़ी राहत मिलेगी. सीएम ने कहा कि ये छूट मिलने से पुलिस कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त खर्चे या कागजी कार्रवाई के अपनी ड्यूटी कर सकेंगे.

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने रियायती बस पास के लिए हिम बस कार्ड को अनिवार्य किया है. यह एक तरह का डिजिटल कार्ड है. ये कार्ड 236 रुपए शुल्क जमा करवाने के बाद बन सकेगा. इसे पहली फरवरी से अनिवार्य किया गया है. इस बीच, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस कार्ड को बनवाने को लेकर पुलिस कर्मियों को छूट दी है.