शिमला. हिमाचल प्रदेश में अफसरशाही में टकराव की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं. अब एक और ताजा मामला हुआ है, जिस पर पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने भी सवाल उठाए हैं. मामला रोचक है. क्योंकि यहां पर एक अफसरों को लिफ्ट देने पर उनकी गाड़ी और पीएसओ की सुविधा वापस ले ली गई. जानकारी के अनुसार, 10 मार्च की यह घटना है. डीएसपी हेडक्वार्टर विजय रघुवंशी को अपने सीनियर अधिकारी को लिफ्ट देना महंगा पड़ गया. उनसे बड़े साहब ने गाड़ी और पीएसओ की सुविधा छीन ली.
जीडी डायरी में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, गाड़ी को लाइन में खड़े करने के आदेश एसपी की तरफ से दिए गए. डीएसपी विजय रघुवंशी ने लिखा कि मेरे उच्चाधिकारी की ओऱ से मुझे नीचा दिखाने की कोशिश की गई, ताकि मेरी बेजज्ती हो. उन्होंने कहा कि हर माह 700 रुपये मेरे सैलरी से फीस कटकी है. मैंने एसपी को उनके मोबाइल पर फोन किया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
डीएसपी लिखते हैं कि मेरे उच्च अधिकारियों की ओर से गाड़ी को बिना कारण के छीनने से मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशानी हुई. डीसएपी ने लिखा कि डीआईजी (पूर्व में एसपी रहे) अफसर को मैंने लिफ्ट दी थी. इस वजह से मुझे नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है. मुझे अंदेशा है कि मेरे उच्चाधिकारी मेरे और मेरे परिवार के साथ कोई भी जानबूझ कर विभागीय और अन्य कोई कार्रवाई बिना कारण अमल में ला सकते है. डीएसपी ने पुलिस विभाग में ही कार्यरत अपनी पत्नी की नौकरी लेकर भी अंदेशा जताया है.
जयराम ने साधा निशाना
पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने इस विवाद पर कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर कुछ तो व्यवस्थिति रहने दीजिए. मुख्यमंत्री का इस क़दर आँखें मूँद लेना बहुत घातक होगा. प्रदेश के लोग त्रस्त हैं. क़ानून व्यवस्था रसातल में चली गई है. प्रशासनिक अधिकारी आपस में कीचड़ उछाल रहे हैं. पुलिस अधिकारी आपस में लड़ रहे हैं. मुख्यमंत्री जी झूठ का पुलिंदा लेकर बिहार-आसाम के बाद बंगाल गए हैं. मुख्यमंत्री की यह बेबसी और मौन प्रदेश पर बहुत भारी पड़ रहा है. हर जगह वायरल हो रहा यह पत्र बाक़ी कहानी स्वयं कह रहा है. इस तरह के शब्द, ऐसी भाषा, आख़िर यह चल क्या रहा है?
उधर, एएनआई से बातचीत में मामले को लेकर पुलिस एसोसिएशन के पत्र को लेकर मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि यह फर्जी पत्र है. हिमाचल पुलिस के अफसरों की कोई मीटिंग नहीं हुई है. सीएम सुक्खू के मीडिया सलाहाकार नरेश चौहान ने एएनआई से कहा कि वह बिना वेरिफाई किए इस मुद्दे पर कुछ नहीं कह सकते हैं.