शिमला. हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में बड़ा हादसा पेश आया है. यहां पर पूर्व बीडीओ का परिवार हादसे का शिकार हो गया. फिलहाल, पत्नी और बेटा लापता बताए जा रहे हैं औऱ उनकी तलाश की जा रही है. घटना तीन दिन पहले 15 सितंबर को हुई थी. जानकारी के अनुसार, काजा के रहने वाले छेरिंग नमग्याल पूर्व बीडीओ थे और बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था. 15 सितंबर को उनकी पत्नी औऱ बेटा उनके पार्थिव शव लेकर काजा की ओर जा रहे थे तो किन्नौर में उनकी पत्नी छूनित डोल्मा और पुत्र तनखे की कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई और सतलुज नदी में समा गई. किन्नौर प्रशासन की ओर से उन्हें ढूंढने की कोशिश लगातार की जा रही है. पुह उपमंडल के पास शासो खड्ड के करीब कार अनियंत्रित होकर सतलुज नदी में जा गिरी और नदी के बीचों-बीच तेज धाराओं में फंस गई.
तीन दिन से एनडीआरफ की टीमें सर्च ऑपरेशन चला रही हैं.
लाहौल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने सोशल मीडिया पर बताया कि घटना की जानकारी मिलने से लेकर हम निरंतर किन्नौर प्रशासन के संपर्क में है और माननीय मंत्री जगत सिंह नेगी जी से भी रेस्क्यू ऑपरेशन में तेज़ी लाने के लिए हस्तक्षेप करने का निवेदन किया गया है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि NDRF, पुलिस एवं प्रशासन के द्वारा वाहन एवं दोनों को ढूंढने का कार्य जारी है और साथ ही स्पीति के भी हमारे कई साथी मौके पर हैं जो हमें रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर अपडेट कर रहे हैं. हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं और हर संभव मदद पीड़ित परिवार के लिए की जाएगी. फिलहाल, घटना के बाद से स्पीति में शोक की लहर दौड़ गई है.
पूर्व मंत्री रहे राम लाल मारंकडा ने उठाए सवाल
लाहौल स्पीति से पूर्व मंत्री रहे राम लाल मारंकडा ने पूरे मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या व्यवस्था परिवर्तन वाली इस सरकार में लाहौल स्पीति के लोगों के जान की कोई कीमत नहीं है? सोमवार सुबह किन्नौर जिला के पुह में शासो खड्ड में लाहौल स्पीति जिला के काजा गाँव के एक परिवार के माँ बेटे का कार दुर्घटना ग्रस्त हो गई था औऱ अब 4 दिन बीत जाने के बाद भी मां और बेटे को नहीं ढूंढा गया है. शासन ओर प्रशासन नदी के बीच फंसी गाड़ी तक भी नहीं पहुंच पाई है. प्रभावित परिवार लाहौल स्पीति से संबंध रखता हैं और शायद इसलिए उन की जिंदगी की कीमत को कम आँका जा रहा है.