किसानों और बागवानों को बड़ी राहत, अब मेटल कंटेनर में मिलेगा पेट्रोल-डीजल, आदेश जारी

सोलन। किसानों और बागवानों को अब पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल देने से इन्कार नहीं किया जाएगा। उन्हें अब प्रतिदिन 200 लीटर पेट्रोल या डीजल मिलेगा। सरकार के जारी आदेशों में यह स्पष्ट किया गया है कि किसानों-बागवानों व उद्योगों को पेट्रोल या डीजल देने से इन्कार नहीं किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए उन्हें मेटल (लोहे) का कंटेनर ले जाना होगा। इस कंटेनर में किसान 200 लीटर तक पेट्रोल ले सकेंगे। सभी जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक इस पर निगरानी भी रखेंगे कि पेट्रोल या डीजल देने से कोई पेट्रोल पंप संचालक इन्कार न करें यदि ऐसा होता है तो उस पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले प्रदेशभर में किसानों-बागवानों व उद्योगपतियों को पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल न मिलने से परेशानी खड़ी हो गई थी। किसानी-बागवानी में ज्यादातर उपकरण पेट्रोल से चलते हैं, वहीं कंपनियों में भी कई महंगी मशीनें पेट्रोल या डीजल से ही चलाई जाती हैं। यह उपकरण पेट्रोल पंपों तक नहीं ला सकते, ऐसे में पेट्रोल बोतलों में भरकर दिया जाता था।

अभी यह थी व्यवस्था मौजूदा समय में किसानों-बागवानों या उद्योगपतियों को किसी भी पेट्रोल पंप पर खुला पेट्रोल डीजल नहीं दिया जा रहा है। विशेष रूप से उन किसानों और बागवानों, जिन्हें अपने दूरदराज के खेतों या बागानों तक ईंधन पहुंचाना पड़ता है, उन्हें इससे दिक्कतें आती थी। क्योंकि पावर टिलर या अन्य खेती उपकरण में छोटी टंकियां होती है और वह तीन से चार घंटे में पेट्रोल खत्म कर देती है। ऐसे में यदि वह पेट्रोल पंप तक पावर टिलर लेकर आते थे तो उन्हें दिक्कतें होती थी और उन्हें ईंधन के लिए बार-बार पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस नई व्यवस्था के तहत, वे बड़े मेटल कंटेनर का उपयोग करके एक बार में अधिक मात्रा में ईंधन ले जा सकेंगे, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होगी।

बोतलों में नहीं देते हैं पेट्रोल-डीजल
पेट्रोल अत्यधिक वाष्पशील होता है। इसे सामान्य प्लास्टिक की बोतलों में रखने से गैस बनकर आग लगने का खतरा बना रहता है। इसलिए सरकार ने प्लास्टिक की बोतलों में तेल लेने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। जिसके चलते प्रदेशभर के किसान-बागवान परेशान थे। मगर अब उनकी परेशानी दूर हो सकेगी बशर्ते उन्हें अब प्लास्टिक की जगह मेटल कंटेनर लेकर पेट्रोल पंप पर जाना होगा और उन्हें आसानी से वहां पर पेट्रोल या डीजल मिल सकेगा। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पेट्रोल व डीजल देने से किसानों-बागवानों व उद्योगपतियों को इन्कार नहीं किया जा सकता। उन्हें इसके लिए मेटल कंटेनर लाना होगा। इन कंटेनरों में भी यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक पेट्रोल या डीजल देने से इन्कार करता है तो इसकी शिकायत करें उन पर नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। हालांकि प्लास्टिक बोतलों में पेट्रोल-डीजल ले जाना खतरनाक हो सकता है। श्रवण हिमालयन, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक सोलन