CM सुक्खू ने 1 मार्च से सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में मोबाइल बैन, नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना

बिलासपुर: 1 मार्च से स्कूलों में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बड़ा ऐलान किया है. सीएम सुक्खू ने कहा है कि, प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. मोबाइल ले जाने पर छात्रों को भारी जुर्माना भी देना होगा. दो-बार चेतावनी देने के बाद भी नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

स्कूल में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि, “हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में 1 मार्च से मोबाइल को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा. चाहे सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट स्कूल हो बच्चे प्री-नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक स्कूल कैंपस में मोबाइल नहीं लाएंगे. जो भी स्कूल में मोबाइल लेकर आएगा, उसके मोबाइल को जब्त कर लिया जाएगा. साथ ही उससे 500 रुपए का फाइन भी वसूला जाएगा.”

नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लगातार प्रयोग के दुष्परिणामों से सबक लेते हुए हिमाचल सरकार के शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी स्कूलों में इन पर कंप्लीट बैन लगा दिया है. सीएम सुक्खू ने कहा कि, “पहले समझाया जाएगा. फिर एक-दो वार्निंग के बाद जो भी SOP हम बनाएंगे, उसके अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूं. क्योंकि, जब मैं बच्चों का खेल देख रहा था. कई बार मैंने देखा कि स्कूल कैंपस में बच्चे लंच टाइम में आपस में बात नहीं करते बल्कि मोबाइल के साथ लग जाते हैं. इसलिए जब मोबाइल पास में नहीं होगा तो लंच टाइम में टीचर होंगे बच्चे भी आपस में बात करेंगे. खेल की गतिविधियों को हमारी सरकार बढ़ावा देगी.”

शिक्षकों के लिए भी मोबाइल बैन
इसके अलावा शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि, क्लास में बच्चों को पढ़ाने के दौरान टीचर भी क्लास रूम में मोबाइल नहीं ला सकेंगे. अध्यापकों को सिर्फ अटेंडेंस, लर्निंग एप्स आदि के लिए ही मोबाइल प्रयोग करने की अनुमति होगी. स्कूलों के मुख्य अध्यापक एवं प्रिंसिपल इन सभी निर्देशों का पालन करने के लिए जिम्मेदार एवं जवाबदेह होंगे. नियमों के उल्लंघन पर छात्र, शिक्षक आदि अनुशासवनात्मक पर कार्रवाई होगी. साथ ही स्कूल मुखिया के खिलाफ भी एक्शन होगा.