न भूकंप आया, न पटाखे फूटे फिर कैसे दहल उठा हिमाचल का ये गांव…धरती ही धंस गई, ग्रामीण बोले- ऐसा पहली बार नहीं

मंडी. हिमाचल प्रदेश में डोह के साथ लगती ग्राम पंचायत हटौण के दयोड़ गांव की जमीन एक बार फिर से धंस गई है. बीती रात करीब एक बजे गांव में जोरदार धमाकों की आवाजें आईं जिससे पूरा गांव हिल गया और लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए. रात को तो अधिक पता नहीं चला, लेकिन सुबह जब लोगों ने देखा तो उनके होश उड़ गए. हरदेव शर्मा के घर के पास जमीन धंसने से विशालकाय गड्ढा बन गया है, जिस कारण दो घरों और एक स्कूल पर खतरा मंडरा रहा है. हरदेव शर्मा के घर में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और उन्हें मजबूरन यहां से पलायन करना पड़ रहा है. प्रभावित हरदेव ने बताया कि रात को जब धमाके हुए तो सभी सहम गए. इससे पहले भी गांव की जमीन दो-तीन बार धंस चुकी है और यह सब गांव के नीचे से बनाई जा रही फोरलेन की टनलों के कारण ही हो रहा है.

सब लापरवाही का नतीजा
हरदेव शर्मा ने फोरलेन निर्माण में लगी कंपनी, एनएचएआई और प्रशासन से एक सप्ताह के भीतर सारा मुआवजा देकर सुरक्षित स्थान पर जमीन मुहैया करवाने की गुहार लगाई है. चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो वे मजबूरन फोरलेन के सारे काम को बंद करवाने पर मजबूर हो जाएंगे. हरदेव शर्मा ने बताया कि उनका करोड़ों का नुकसान हो गया है. कई बार कंपनी, एनएचएआई और प्रशासन के पास गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई. खानापूर्ति के लिए मौके पर आकर रिपोर्टें बनाई गईं लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ. यह सब लापरवाही के कारण ही हो रहा है.

ग्राम पंचायत हटौण के उप प्रधाना नोक सिंह, पूर्व प्रधान दलीप ठाकुर और स्थानीय निवासी लीला प्रकाश ने बताया कि दयोड़ गांव में इससे पहले भी निर्माणाधीन टनल के कारण दो बार जमीन धंसी और ऐसे ही गड्ढे बने. हालांकि वो गड्ढे छोटे थे इसलिए उनमें मलबा आदि डालकर खानापूर्ति के लिए भर दिया गया. लेकिन जमीन धंसने के असली कारणों का सही ढंग से पता नहीं लगाया गया. इन्होंने सरकार और प्रशासन से इस पूरे इलाके की सही ढंग से जांच करवाने और प्रभावितों को तुरंत प्रभाव से मुआवजा देने की मांग उठाई है. यदि ऐसा नहीं किया जाता तो फिर पूरे इलाके के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे.