शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला की संजौली मस्जिद को लेकर शुक्रवार को फिर से तनाव देखने को मिला है. संजौली मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. यहां पर मस्जिद की तरफ जाने वाले तीनों रास्ते पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई. शिमला के डीएसपी ख़ुद मौक़े पर मोर्चा संभालने के लिए पहुंचे हुए हैं. वहीं, बहुचर्चित संजौली मस्जिद मामला अब हाईकोर्ट भी पहुंच गया है और वक्फ बोर्ड ने मस्जिद को ढहाने के फैसले को चुनौती दी है.
उधऱ, हिन्दू संगठनों की चेतावनी के बावजूद मस्जिद में नमाज पढ़ी गई. मौलवी के मना करने पर कुछ लोग बिना नमाज पढ़े वापिस लौटे और कुछ ने नमाज पढ़ी. नमाज अदा करने आए रियासत अली ने कहा कि मामला हाईकोर्ट में है और हम मस्जिद को अवैध नहीं मानते हैं. अभी और भी लोग नमाज पढ़ने आएंगे.
दरअसल, हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के बहुचर्चित संजौली मस्जिद मामला थम नहीं रहा है. मामला अब हिमाचल हाईकोर्ट पहुंच गया है. आज थोड़ी में मामले की सुनवाई होगी. वक्फ बोर्ड ने संजौली मस्जिद को तोड़ने के आदेश के खिलाफ याचिका हाईकोर्ट में दायर की है. न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ मामले की सुनवाई की है. अब मामले की सुनवाई एक दिसंबर को होगी.
उधर, हिन्दू संघर्ष समिति का संजौली मस्जिद के खिलाफ चल रहा आंदोलन ग्यारहवें दिन में प्रवेश कर गया है. शुक्रवार को जुमे की नमाज़ होनी है. इस बीच हिंदू संघर्ष समिति के नेता विजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने गेंद प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के पाले में डाल दी है. आज हिन्दू संघर्ष समिति किसी को भी नमाज़ पढ़ने से नहीं रोकेगी. अगर नमाज़ पढ़ी जाती है, तो यह मुद्दा शनिवार को होने वाली जिला प्रशासन के साथ बैठक में उठाया जाएगा. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए वे संजौली मस्जिद में नमाज़ पढ़ने के लिए न आएं.
संजौली मस्जिद को लेकर बीते तीन हफ्ते से हिंदू संगठन फिर से मुखर हुए हैं. यहां पर शुक्रवार की नमाज का विरोध हो रहा है. 14 नवंबर को यहां पर हिंदू संगठनों ने यहां पर नमान का विरोध किया था और फिर हंगामा करने पर छह लोगो को केस दर्ज किया गया था. इसी तरह बीते शुक्रवार को भी संजौली में धरना प्रदर्शन किया गया था. गुरुवार को संजौली थाने के बाहर अनशन कर रहे हिंदू सगंठन के लोगों ने शस्त्र पूजन भी किया था.