शिमला: हिमाचल प्रदेश के शिमला के बहुचर्चित संजौली मस्जिद प्रकरण में बड़ा फैसला आया है. जिला अदालत ने वक्फ बोर्ड और संजौली मस्जिद कमेटी की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया गया है. कोर्ट ने अपने फैसले में ही नगर निगम आयुक्त के उस आदेश को बरकरार रखा गया है, जिसमें कहा गया था कि मस्जिद की सभी मंजिलें अवैध हैं और इन्हें गिराना जाए. उधर, गुरुवार को जिला अदालत में फैसला आने के बाद देव भूमि संघर्ष समिति के सदस्यों ने कोर्ट परिसर में एक दूसरे को लड्डू खिलाए. मई 2025 में निगम कोर्ट नीचे की दो मंजिलों को भी अवैध माना था और पूरी मस्जिद को गिराने के आदेश दिए थे.
फैसले के मुताबिक, अब मस्जिद की सभी पांच मंजिलें तोड़ी जाएंगी. इससे पहले, 3 मई 2025 को नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने मस्जिद की निचली दो मंजिलों को गिराने के आदेश दिए थे, जिसे वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने चुनौती दी थी. कोर्ट ने माना है कि निर्माण नियमों के उल्लंघन में किया गया था, इसलिए ध्वस्तीकरण के आदेश वैध हैं. अब नगर निगम प्रशासन को मस्जिद की सभी मंजिलें गिराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का अधिकार मिल गया है. हालांकि, अब जिला अदालत के इस फैसले को संजौली मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट में चुनौती देगी. संजौली मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने इस बात की जानकारी दी है.
पूरा विवाद शिमला के संजौली में एक पांच मंजिला मस्जिद है. इसमें अवैध निर्माण को लेकर 2010 से केस चल रहा था. निगम की आयुक्त कोर्ट में मामले में 45 से अधिक सुनवाइयां हुई थी और इस मामले में पहले ऊपर की तीन मंजिले गिराने के आदेश दिए गए थे. लेकिन मई 2025 में निगम कोर्ट नीचे की दो मंजिलों को भी अवैध माना था और पूरी मस्जिद को गिराने के आदेश दिए थे. इस आदेश को मस्जिद कमेटी ने जिला अदालत में चुनौती थी. इससे पहले अक्तूबर 2024 में भी नगर निगम ने मस्जिद की ऊपरी मंजिलों को गिराने के आदेश दिए थे, जिसके बाद कुछ हिस्से को गिराया भी गया था. इस पूरे मामले में हिमाचल वक्फ बोर्ड ने मस्जिद की जमीन पर अपने स्वामित्व का दावा किया था, लेकिन कोर्ट ने दस्तावेजों को अपर्याप्त मानते हुए निर्माण को पूर्णतः अवैध करार दिया है.
एक विवाद से भड़की थी चिंगारी बात 12 सितंबर 2024 से शुरू हुई थी. संजौली में विशेष समुदाय के लोगों ने मल्याणा में लोगों से मारपीट की थी और फिर ये लोग संजौली मस्जिद में छुप गए थे. इसके बाद स्थानीय लोगों ने जब इनकी तलाश की तो विवाद भड़क गए. पूरी घटना ने अलग रंग ले लिया और फिर संजौली मस्जिद के विरोध में शिमला शहर में बड़ा रोष प्रदर्शन देखने को मिला. प्रदेश के अन्य इलाकों में विवाद की आग भड़की और प्रदर्शन हुए.