Shimla News: हिमाचल प्रदेश में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को लेकर जारी सियासी बहस के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. हिमाचल भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन और केंद्र पर अनावश्यक आरोप लगाने का आरोप लगाया.
“समस्या संसाधनों की नहीं, प्रबंधन की”
डॉ. बिंदल ने कहा कि करीब 40 महीनों से सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार अपनी प्रशासनिक कमजोरियों को छिपाने के लिए केंद्र सरकार और पूर्व भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहरा रही है. उन्होंने कहा कि जनता समझ चुकी है कि असली समस्या संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि उनके प्रभावी उपयोग की है.
सर्वदलीय बैठक पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक को समाधान के मंच के बजाय राजनीतिक माहौल बनाने के लिए उपयोग किया गया. बिंदल के मुताबिक, बैठक में सत्तारूढ़ दल के प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री की अनुपस्थिति से इसकी गंभीरता पर प्रश्नचिन्ह लगता है.
केंद्रीय सहायता के आंकड़े पेश
भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि वित्त विभाग की प्रस्तुति के अनुसार केंद्रीय करों में हिमाचल का हिस्सा 0.830% से बढ़कर 0.914% हुआ है, जिससे 2026 में लगभग ₹13,950 करोड़ मिलेंगे—जो पिछले वर्ष से करीब ₹2,450 करोड़ अधिक हैं.
इसके अलावा:
-ग्रामीण व शहरी विकास मद में लगभग ₹4,179 करोड़
-SDRF व DMF मद में लगभग ₹2,682 करोड़
वित्त आयोग की तुलना
डॉ. बिंदल ने विभिन्न वित्त आयोगों के दौरान मिली सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि 14वें और 15वें वित्त आयोग के दौरान केंद्र से सहायता कई गुना बढ़ी.
उन्होंने कहा कि 2015–2025 के बीच RDG के रूप में लगभग ₹89,254 करोड़ मिले, जबकि 2004–2014 के बीच यह राशि करीब ₹18,091 करोड़ थी.
“फिर भी संकट का माहौल क्यों?”
बिंदल ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सहायता मिलने के बावजूद प्रदेश में संस्थान बंद किए गए, कर्मचारियों के भत्तों और पेंशन में देरी हुई तथा सीमेंट, डीजल, स्टाम्प ड्यूटी, बस किराया और बिजली दरों में वृद्धि कर आम जनता पर बोझ डाला गया.
उन्होंने राज्य की आय-व्यय स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि कुल आय करीब ₹42,000 करोड़ और व्यय ₹48,000 करोड़ है, यानी ₹6,000 करोड़ का अंतर है, जो आगामी वित्तीय वर्ष में आय बढ़ने से कम हो सकता है.
“आरोप नहीं, निवेश पर ध्यान दें”
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र से विभिन्न योजनाओं, टैक्स डिवोल्यूशन, विश्व बैंक सहायता, नाबार्ड फंडिंग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित करीब ₹2.12 लाख करोड़ की सहायता मिली है. साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग और फोरलेन परियोजनाओं पर भी बड़े पैमाने पर निवेश जारी है.
अंत में डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा प्रदेश हित को सर्वोपरि मानती है और आर्थिक सशक्तिकरण व पारदर्शी प्रशासन के लिए रचनात्मक सहयोग देती रहेगी.