शिमला: हिमाचल प्रदेश के सीएम और कांग्रेस के कद्दावर नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू सत्ता पर पकड़ और संगठन को मजबूती देने में जुट गए हैं। आलम यह कि निगमों और विभिन्न बोर्डों में नियुक्तियों का दौर तेज हो गया है। संगठन में सक्रिय और सरकार के प्रति वफादार नेताओं को ताबड़तोड़ तैनाती देकर सत्ता और संगठन दोनों को मजबूती दी जा रही है। सरकार की ओर से की जा रही इन नियुक्तियों को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठनात्मक संतुलन साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष को बड़ी जिम्मेदारी
सबसे महत्वपूर्ण नियुक्ति हिमाचल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष छतर सिंह ठाकुर की है। सुक्खू सरकार ने उन्हें हिमाचल प्रदेश राज्य युवा बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। छतर सिंह सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के करीबी माने जाते हैं। युवा कांग्रेस में उनकी सक्रियता और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए उनको यह तैनाती दी गई है। इस नियुक्ति से सरकार ने संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन में अच्छा काम करने वालों को आगे बढ़ाया जाएगा और युवाओं को सत्ता ढांचे में निर्णायक भूमिका दी जाएगी।
मंडी संसदीय क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने की तैयारी
दूसरी महत्वपूर्ण नियुक्ति शशि शर्मा की हुई है जिनको हिमाचल प्रदेश जल प्रबंधन बोर्ड का उपाध्यक्ष बनाया गया है। अधिसूचना के अनुसार उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी जबकि उनके कार्यकाल की शर्तें अलग से जारी होंगी। शशि शर्मा लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। मंडी जिले में उनकी सियासी पहचान है। उनकी नियुक्ति को मंडी संसदीय क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है।
दलित समाज को साधने की कोशिश
इसके साथ ही सरकार ने लाल सिंह कौशल को हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम का गैर-आधिकारिक निदेशक और निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया है। मंडी जिला के सक्रिय सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाने वाले लाल सिंह कौशल पर यह जिम्मेदारी देकर सरकार ने दलित समाज को संदेश देने की कोशिश की है।
शिमला, सिरमौर और किन्नौर पर पकड़ बनाने का प्रयास
इसके अतिरिक्त शिमला जिला के चौपाल क्षेत्र से आने वाले सुरेंद्र कुमार को हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (HPMC) का उपाध्यक्ष बनाया गया है। HPMC बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण संस्थान माना जाता है और इस नियुक्ति का सियासी प्रभाव शिमला, सिरमौर और किन्नौर क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है।
प्रदेश अध्यक्ष भी बदला
इन सभी नियुक्तियों को कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों को साधने, क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है। संदेश साफ है कि संगठन में मेहनत करने वालों और सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वालों को वरीयता दी जाएगी। सनद रहे कांग्रेस ने प्रदेश राजनीति में बड़ा बदलाव करते हुए विधायक विनय कुमार को नया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे 30 नवंबर को शिमला स्थित पार्टी मुख्यालय में पदभार ग्रहण करेंगे। सरकार और संगठन में इन नियुक्तियों को संतुलन की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।