हिमाचल पंचायत चुनाव पर हाई कोर्ट आज सुना सकता है निर्णय, सुक्खू सरकार और निर्वाचन आयोग की क्या है तैयारी?

शिमला।हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव पर आज फैसला आ सकता है। इसको लेकर सभी की नजरें आज 22 दिसंबर को हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर लगी हैं। कोर्ट की तरफ से अंतरिम आदेश या दिशानिर्देश जारी हो सकते हैं, जिससे पंचायत चुनाव की आगे की दिशा तय होगी।

चुनाव समय पर करवाने के लिए अधिवक्ता डिक्कन कुमार ठाकुर व हैप्पी ठाकुर ने जनहित याचिका दायर की है।हिमाचल में पंचायतों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रहा है। संविधान के अनुसार इससे पूर्व चुनाव करवाए जाने आवश्यक हैं। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश की पंचायतों और शहरी निकायों की सीमाओं में किसी भी तरह के बदलाव पर रोक लगाने के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता की धारा 12.1 लागू की गई है।

निर्वाचन आयोग कर रहा चुनाव करवाने की पैरवी
राज्य निर्वाचन आयोग 31 जनवरी से पूर्व चुनाव करवाने की पैरवी कर रहा है। हिमाचल सरकार का तर्क है कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू है, जिसके हटने के बाद ही चुनाव हो सकेंगे, क्योंकि कई गांवों में सड़कें बंद हैं।

सीमाओं में बदलाव का तर्क दे रही सरकार
सरकार के अनुसार प्राकृतिक आपदा के कारण सीमाओं के बदलाव का कार्य भी नहीं हो पाया है। ऐसे में सरकार और निर्वाचन आयोग में पंचायत चुनाव को लेकर खींचतान हो रही है। प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और जनता की नजरें हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

पंचायत, बीडीसी व जिला परिषद के चुनाव
प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं की तीनस्तरीय प्रणाली में 12 जिला परिषद के 250 सदस्यों जबकि 92 ब्लाक समितियों के सदस्यों के अलावा 3577 पंचायतों के प्रधानों, उपप्रधानों व वार्ड पंच का चुनाव होना है।