हिमाचल में वरदान साबित हुई सुक्खू सरकार की ये पहल! इतने लाख लोगों को फायदा

शिमला: हिमाचल में 11 दिसंबर 2022 को ऐतिहासिक रिज मैदान पर मुख्यमंत्री की शपथ लेने बाद सुक्खू सरकार ने अक्टूबर 2023 में ऐसी पहल की थी कि लोगों को सालों से लंबित पड़े मामलों से छुटकारा मिल गया. ये पहल थी प्रदेश भर में महीने के आखिरी दो दिनों में राजस्व लोक अदालतें लगाए जाने की, जिसने लोगों की सालों पुरानी समस्याएं सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई है.

इतने मामलों का हुआ निपटारा

हिमाचल सरकार की ओर से चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का असर इतना व्यापक रहा कि पिछले दो सालों में यानी अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 तक राजस्व लोक अदालतों के जरिए 4,62,590 लोगों को उनके लंबित राजस्व मामलों से राहत मिल चुकी है. सुक्खू सरकार की न्याय पहुंचाने वाली इस पहल से न सिर्फ प्रशासनिक बोझ कम हुआ है, बल्कि लोगों में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है.

“लोगों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध सेवाएं घर द्वार के निकट उपलब्ध करवाना सरकार की प्रतिबद्धता है. राजस्व लोक अदालतों की पहल से लोगों का समय और पैसा दोनों की बचत हुई है. इसके साथ ही लोगों को राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने से छुटकारा मिला है.” – जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री

इन जगहों पर लगती है राजस्व लोक अदालत
प्रदेश भर में 2 सालों से आयोजित हो रही इन राजस्व लोक अदालतों के जरिए 3,85,634 इंतकाल, 24,044 तकसीम, 42,123 निशानदेही और 11,789 राजस्व अभिलेखों की दुरुस्ती हुई है. इस पहल से भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिली है और सालों से लंबित मामलों का समय पर समाधान हुआ है. ‘राजस्व लोक अदालत’ अब हर माह के आखिरी दो दिनों में उप-तहसील और तहसील स्तर पर आयोजित की जा रही हैं, जिससे लोगों को जमीन संबंधी मामलों के निपटारे में सुविधा मिल रही है. बड़ी संख्या में लोग इस मंच के जरिए अपनी समस्याएं हल करने के लिए आगे आ रहे हैं. 30 अक्टूबर, 2023 से शुरू की गई ‘राजस्व लोक अदालत’ भूमि मालिकों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हुई है. जिससे उनका राजस्व मामले संबंधी निपटारा समय पर हो रहा है. मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विभाग मिशन मोड में आया है. जिससे सालों पुराने भूमि विवादों का निपटारा होने से लोगों को बहुत बड़ी राहत मिली है.