हिमाचल कांग्रेस में भूचाल: नीरज भारती का इस्तीफा मंजूर, सीएम सुक्खू पर भ्रष्टाचार और कामकाज में गड़बड़ी के आरोप

नई दिल्ली : हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को पार्टी की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष नीरज भारती का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। यह इस्तीफा उन्होंने गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और जिला अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को दो पन्नों के पत्र में भेजा था। पार्टी के एक महासचिव विनोद जिन्टा ने बताया कि अब उनका उपाध्यक्ष पद का कार्यकाल समाप्त हो गया है।

इस्तीफे के बाद नीरज भारती ने राज्य सरकार और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सालों में सरकार ने उन मेहनती और समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निराश किया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट कर ठेकेदारों के भुगतान प्रक्रिया में गड़बड़ी और प्रशासनिक कामकाज पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई बार यह समझ नहीं आता कि तबादला प्रक्रिया कब शुरू होती है और कब खत्म होती है, और डीओ (डेमी ऑफिशियल) पत्रों का कोई रिकॉर्ड भी नहीं मिलता।

नीरज भारती ज्वाली के पूर्व विधायक और कृषि मंत्री चंद्र कुमार के पुत्र हैं। पहले भी प्रशासनिक कार्यशैली से असंतोष जता चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब पार्टी सत्ता में आती है तो जमीनी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करना दुखद है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मुख्यमंत्री सुक्खू से कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुक्खू को पहले भी एक जुझारू और सिद्धांतों पर चलने वाले नेता के रूप में माना था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतोष बढ़ा है।

भारती ने मुख्यमंत्री सुक्खू के कार्यकाल की तुलना पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के 2012 से 2017 के कार्यकाल से की। उन्होंने कहा कि उस समय यदि किसी को आश्वासन दिया जाता था तो काम दो दिन में पूरा हो जाता था, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि किसी को भरोसा देने से पहले दस बार सोचना पड़ता है क्योंकि आगे क्या होगा, इसका कोई अंदाजा नहीं होता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार हर बात को “धन की कमी” के कारण बताकर टाल देती है, जबकि असली समस्या निर्णय लेने की इच्छाशक्ति और सही नीयत की कमी है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार की कार्यशैली का असर अब स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों में भी दिखने लगा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीरज भारती “कोई बड़ा मुद्दा नहीं” हैं।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की बात सुनी जानी चाहिए और जो लोग लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हें सम्मान और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नीरज भारती की शिकायतों पर बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।

वहीं, विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मामले पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री पर लगाए गए आरोप बेहद शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों पर चुप्पी और भ्रष्टाचार के बड़े मामले को नजरअंदाज करना संदेह पैदा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री झूठ बोलकर और जनता को गुमराह करके सरकार की कथित अनियमितताओं को छिपा नहीं पाएंगे।

हिमाचल प्रदेश के नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश के चार नगर निगमों में से तीन में बीजेपी को जीत मिली है। मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगम में बीजेपी ने जीत हासिल की है जबकि पालमपुर नगर निगम पर कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा है। इन चारों नगर निगमों में 17 मई को वोटिंग हुई थी। चुनाव में कुल 63.65% मतदान हुआ था। पालमपुर में सबसे ज्यादा और सोलन में सबसे कम वोटिंग हुई थी।