हिमाचल पंचायत चुनाव में पत्नी को मिली हार तो बौखला गया पति, गांव का रास्ता ही बंद कर दिया

हिमाचल प्रदेश में पंचायती चुनावों के नतीजों आ चुके हैं. इन नतीजों के बाद हार-जीत को लेकर लोग अलग-अलग तरह से अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. एक ऐसा ही मामला मंडी जिले के बल्ह विधानसभा क्षेत्र की नवगठित टिक्करकलां पंचायत से सामने आया है, जहां पत्नी के चुनाव हारने से नाराज एक व्यक्ति ने देर रात गांव का मुख्य रास्ता ही बंद कर दिया. यह टिक्कर से नौण गांव को जाने वाला रास्ता है. इस व्यक्ति ने रास्ते पर लकड़ी और तख्ते रख दिया, जिससे रात में आने जाने वालों को परेशानी का सामना कना पड़ा. हालांकि, सुबह इसी व्यक्ति ने अपने आप ही रास्ता खोल दिया.

रास्ता बंद होने से हाई-वोल्टेज ड्रामा
जानकारी के अनुसार, टिक्करकलां पंचायत के तहत टिक्कर से नौण गांव को जोड़ने वाले मार्ग पर सोमवार रात हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. बताया जा रहा है कि आरोपी की पत्नी पहले वार्ड सदस्य रह चुकी है और इस बार उसने पंचायत समिति सदस्य (BDC) का चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा.

पत्नी की हार से नाराज व्यक्ति कथित तौर पर शराब के नशे में देर रात सड़क पर पहुंच गया और टिक्कर-नौण मार्ग पर भारी लकड़ियां व तख्ते रखकर रास्ता अवरुद्ध कर दिया. इतना ही नहीं, वह वहां से गुजरने वाले ग्रामीणों को भी रोकने लगा और चुनाव में पर्याप्त वोट न मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर करता रहा.

आरोपी पहले भी कर चुका इस तरह की हरकतें
रास्ता बंद होने से ग्रामीणों और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. हालांकि, सुबह होते ही व्यक्ति ने स्वयं ही रास्ता खोल दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने मामले की जानकारी नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान सुरेश शर्मा को दी. नवनिर्वाचित प्रधान सुरेश शर्मा ने बताया कि संबंधित व्यक्ति पहले भी नशे की हालत में इस तरह की हरकतें कर चुका है.

उन्होंने कहा कि फिलहाल उसे कड़ी चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है. व्यक्ति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए रास्ता खोल दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि चुनावी हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा है और व्यक्तिगत नाराजगी के चलते सार्वजनिक रास्ता बंद करना उचित नहीं है. घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है.