मंडी ; प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे हिमाचल को निजात दिलाने और विश्वकल्याण के उदेश्य से मंडी में यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया. अनुष्ठान में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सांसद कंगना रनौत शामिल हुए. प्राचीन सिद्धकाली माता मंदिर में दोनों ने आरती की. सांसद कंगना रनौत से इस दौरान सवाल किया गया कि इतनी बड़ी आपदा से जूझ रहा है, लेकिन अभी तक आप यहां पर एक ही बार नजर आईं? इसपर सांसद कंगना रनौत ने कहा कि यह भड़काऊ बातें वो लोग करते हैं, जो कुछ नहीं कर पाते हैं.
उन्होंने कहा, ”हम लोग मंडी संसदीय क्षेत्र की जनता के लिए दिन रात काम कर रहे हैं और जो काम हम कर रहे हैं, ये मेरा कोई निजी काम नहीं है. आज संत महात्माओं के सानिध्य में यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से विश्व कल्याण की कामना की गई.”
सीएम फेस पर कंगना रनौत का बयान
क्या बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में कंगना रनौत को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश कर सकती है? इस सवाल पर कंगना ने कहा कि राजनीति में कोई निजी महात्वाकांक्षा नहीं हो सकती. उन्हें जिस काम में लगाया जाएगा और जो काम उन्हें सौंपा जाएगा, उस काम को वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्शीवाद से पूरा करने की योग्यता रखती हैं. कंगना ने कहा कि उनका परिवार अच्छी तरह से जानता है कि जो काम करने की मैं ठान लेती हूं, तो वो मैं करके दिखाती हूं.
केंद्र के पैकेज पर क्या बोलीं कंगना?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपये के ऐलान पर कंगना रनौत ने कहा कि इससे पहले 2200 करोड़, 2300 करोड़ और 1800 करोड़ की राशि केन्द्र सरकार के द्धारा जारी की गई है. डिजास्टर फंड के तहत 100 गुना ज्यादा राशि हिमाचल प्रदेश को मिला है. आज तक 10 हजार करोड़ रुपये तक की राशि हिमाचल को मिल चुकी है.
सांसद कंगना रनौत ने कहा कि वे रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानन्द ट्रस्ट और ईशा योगा सैण्टर जैसी संस्थाओं से जुड़ी हैं और अपनी कमाई का बहुत बड़ा हिस्सा इन संस्थाओं को चैरिटी के रूप में उन्होंने दिया है. इन संस्थाओं माध्यम से उन्होंने लाखों पेड़ लगाए हैं और इसे एक जन आंदोलन बनाने की जरूरत है. हिमाचल प्रदेश में पेड़ काटने की जो प्रथा है, इसे हमें रोकना होगा. एक पेड़ मां के नाम का जो अभियान चलाया गया है, इसमें हर हिमाचल वासी को बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए.