शिमला में एक करोड़ रुपये की एलएसडी ड्रग्स के साथ युवक युवती गिरफ्तार, रेव पार्टी में होती है इस्तेमाल

हिमाचल प्रदेश में शिमला पुलिस ने एक करोड़ रुपये ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसमें एक युवती भी शामिल है. एएसपी शिमला अभिषेक ने मामले की पुष्टि की है.

जानकारी के अनुसार, शिमला पुलिस की टीम ने न्यू शिमला के बीसीएस में एक घर पर रेड की और यहां पर युवक और युवती को लीसर्जिक एसिड डाईएथिलेमाइड (एलएसडी) ड्रग्स के साथ दबोचा. आरोपियों में पहचान सिरमौर के ददाहू की प्रिया शर्मा और पंजाब के मोगा के धर्मकोट का संदीप शर्मा के रूप में हुई है. दोनों के पास 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स मिली है.

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शिमला में एलएसडी की तस्करी हो रही है और आरोपी न्यू शिमला में एक कमरे में रुके हुए हैं. इस पर शिमला पुलिस की एक टीम ने न्यू शिमला के हिम निवास में रे डाली और आरोपियों के पास एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद हुए. एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने बताया कि इन सिट्रप्स का इस्तेमाल इस नशे को लेने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

एएसपी अभिषेक ने बताया कि आरोपी संदीप दस साल से एलएसडी ड्रग्स की तस्करी कर रहा है और इस पर चिट्टे की तस्करी का भी केस दर्ज है. एएसपी ने बताया कि बीते तीन महीने में शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के 73 केस दर्ज करते हुए 136 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गौर रहे कि एएसडी की तस्करी में 20 साल की सजा का प्रावधान है.

गौर रहे कि एलएसडी ड्रग्स का इस्तेमाल रेव पार्टीज में होता है. यह नशा सीधे दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर करता है और इसके इस्तेमाल से भ्रम हे लगा है. साथ ही रंग, आवाज़ और समय का एहसास असामान्य हो जाता है. यह एक साइडिडेलिक ड्रग्स है, जिसका असर सेवन के एक घंटे के भीतर धीरे-धीरे शुरू होता है और फिर दो से चार घंटे में चरम पर पहुंचता है