कहते हैं कि ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय’, इस काहवत को सच कर दिखाया है, 18 साल के प्रवेश शर्मा ने. प्रवेश हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के रहने वाले है. दरअसल, सोलन जिले के अर्की में एक ऐसी घटना घटी है जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे. यहां एक छात्र न केवल मौत के मुंह से वापस आया, बल्कि उसने खाली हाथ एक खूंखार तेंदुए को मार गिराया. करीब 12 मिनट तक चले इस रोंगटे खड़े कर देने वाले खूनी संघर्ष में छात्र ने वह कर दिखाया, जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है.
दूध लेने जा रहा था छात्र, झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था ‘काल’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना सोमवार सुबह करीब 7 बजे की बताई जा रही है. अर्की तहसील के सरली गांव का रहने वाला 18 वर्षीय प्रवेश शर्मा आईटीआई (ITI) में इलेक्ट्रिशियन का छात्र है. वह रोज की तरह अपने चाचा के घर से दूध लेने के लिए निकला था. घर से महज 25 मीटर की दूरी पर खुले मैदान और खेतों के पास पत्तों में कुछ हलचल हुई. इससे पहले कि प्रवेश कुछ समझ पाता, एक आदमखोर तेंदुए ने सीधे उसकी गर्दन को निशाना बनाकर छलांग लगा दी.
प्रवेश पूरी तरह निहत्था था, लेकिन डरने के बजाय उसने लड़ने का फैसला किया. तेंदुए ने उसे जमीन पर पटक दिया था और बार-बार उसकी गर्दन दबोचने की कोशिश कर रहा था. प्रवेश ने बताया,
तेंदुआ मेरी गर्दन पर वार करना चाहता था. मैंने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और उसके दोनों जबड़ों को अपने हाथों से पकड़ लिया. मैंने उसके निचले जबड़े की खाल को नीचे खींचा और ऊपरी हिस्से को पीछे की ओर धकेला, ताकि वह मुझे काट न सके.
अगले 10 से 12 मिनट तक वह (प्रवेश शर्मा) जिंदगी और मौत से लड़ता रहा. तेंदुए के नाखून प्रवेश के कंधों, हाथों, पीठ और आंखों के नीचे धंस रहे थे, लेकिन जांबाज छात्र ने पकड़ ढीली नहीं होने दी.
मुक्कों और पत्थरों से किया प्रहार, पिता के पहुंचने से पहले तेंदुए को किया ढेर
संघर्ष के दौरान प्रवेश लगातार अपने पिता को आवाज लगा रहा था. खुद को बचाने के लिए उसने पास पड़े पत्थरों और अपने मुक्कों से तेंदुए के मुंह पर जोरदार प्रहार किए. उसने तेंदुए को जोर से जमीन पर पटका. जब तेंदुआ थोड़ा सुस्त पड़ा, तो पास पड़ी एक लाठी से उसने पलटवार किया. वहीं, शोर सुनकर प्रवेश के पिता लाठी लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहादुरी की मिसाल पेश कर चुके प्रवेश ने तेंदुए को ढेर कर दिया था.
अस्पताल में भर्ती और वन विभाग की कार्रवाई
इस खूनी भिड़ंत में प्रवेश बुरी तरह घायल हो गया. उसे आनन-फानन में अर्की अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है. वहीं, खंड चिकित्सा अधिकारी मुक्ता रस्तोगी ने बताया कि युवक के शरीर पर गहरे जख्म थे, लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत अब खतरे से बाहर है. वन विभाग ने प्रवेश के इस अदम्य साहस को सलाम करते हुए उसे तुरंत 5000 रुपये की फौरी राहत राशि प्रदान की है. साथ ही, विभाग ने क्षेत्र में पिंजरा लगाने का आश्वासन भी दिया है.
इलाके में दहशत, बियोली जंगल से आ रहे हैं तेंदुए
इस घटना ने पूरे सरली गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैला दी है. ग्रामीणों का कहना है कि पास के बियोली जंगल से लगातार तेंदुए रिहाइशी इलाकों में आ रहे हैं. अभी 6 मार्च को भी एक तेंदुए ने बाइक सवार पर हमला किया था. पंचायत प्रधान शंकर लाल ने प्रशासन से मांग की है कि जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं.