आजकल विटामिन B12 सप्लीमेंट को जादुई न्यूट्रिएंट माना जा रहा है. एनर्जी बढ़ाने, दिमाग को तेज रखने और सेहत सुधारने के लिए लोग इसे धड़ल्ले से ले रहे हैं. ये मल्टीविटामिन में मिलता है, क्लिनिक में इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है और सोशल मीडिया पर इसकी जमकर तारीफ होती है. लेकिन इस सारी चमक-दमक के बीच एक जरूरी सवाल दब जाता है, क्या विटामिन B12 ज्यादा लेने से किडनी को नुकसान हो सकता है?
एक हालिया कनाडाई स्टडी (JAMA में प्रकाशित) ने इस चिंता को और मजबूत किया है. स्टडी में डायबिटिक किडनी डिजीज से पीड़ित मरीजों को जब B6 और B12 के हाई डोज दिए गए, तो उनकी किडनी की हालत प्लेसबो लेने वालों की तुलना में तेजी से बिगड़ी. ऐसे में यदि आप बी12 का सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो सेहत की सेफ्टी के लिए इन 5 बातों को जानना आपके लिए जरूरी है.
B12 से जुड़ी ये 5 अहम बातें
– जरूरत कितनी है और लेते कितनी बार हैं?
आपके शरीर को रोजाना सिर्फ 2.4 माइक्रोग्राम B12 की जरूरत होती है, लेकिन बाजार में मिलने वाले टैबलेट्स में 500 से 1000 माइक्रोग्राम तक की डोज होती है. शरीर जरूरत से ज्यादा B12 को पेशाब के जरिए बाहर निकाल देता है, लेकिन जिनकी किडनी कमजोर है, उनके लिए यह “फ्लश आउट सिस्टम” उतना प्रभावी नहीं होता. इससे शरीर में B12 जमा हो सकता है, जो नुकसानदायक हो सकता है.
– इंजेक्शन से खतरा दोगुना
B12 के इंजेक्शन आजकल फैशन बनते जा रहे हैं. थकान, वजन कम करने और स्किन ग्लो के नाम पर एक इंजेक्शन में सीधे 1000 माइक्रोग्राम B12 शरीर में चला जाता है. अगर किडनी पहले से ही कमजोर है (डायबिटीज, हाई बीपी या उम्र के चलते), तो यह सीधा लोड उन्हें और नुकसान पहुंचा सकता है.
– उम्र के साथ बदलती जरूरत
50 की उम्र के बाद शरीर B12 को भोजन से अच्छे से अवशोषित नहीं कर पाता. साथ ही उम्र के साथ किडनी की कार्यक्षमता भी घटती है. इसलिए जरूरी है कि बुजुर्गों को B12 की सही मात्रा और सही फॉर्म (जैसे – लो डोज टैबलेट या फोर्टिफाइड फूड्स) दी जाए.
– दवाइयों से हो सकता है रिएक्शन
मेटफोर्मिन डायबिटीज की दवा B12 के स्तर को घटा देती है. ऐसे में लोग खुद से सप्लीमेंट लेने लगते हैं. साथ ही, हाई डोज Vitamin C के साथ B12 लेने पर शरीर उसे अच्छी तरह अवशोषित नहीं कर पाता. इसलिए कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
– किडनी के मरीज रहें सतर्क
जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उन्हें बिना जांच के B12 नहीं लेना चाहिए. ब्लड टेस्ट से यह पता किया जा सकता है कि शरीर को इसकी जरूरत है या नहीं. खुद से दवा शुरू करना फायदे से ज्यादा नुकसान कर सकता है.
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