urine foam cause: भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना किसी चुनौती से कम नहीं है. सेहत के साथ लापरवाही भारी पड़ सकती है. लोगों को अंदाजा भी नहीं होता कि अनजाने में की गई कुछ गलतियां उन्हें कितना नुकसान पहुंचाती है. यहां हम आपको उस समस्या के बारे में बता रहे हैं, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसी प्रॉब्लम बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकती हैं. कई बार पेशाब में झाग बनता है, जिसे फोमी यूरिन कहा जाता है. इसे लोग हल्के में लेते हैं. कभी-कभी ऐसा होना सामान्य होता है, लेकिन अगर बार-बार और ज्यादा झाग दिखे तो यह किडनी या शरीर की किसी दूसरी बीमारी का इशारा हो सकता है. अगर आप भी इस समस्या के सामना कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं. आइए जानते हैं ऐसा क्यों होता है और यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है. हम ये भी जानेंगे कि डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए.
दरअसल, पेशाब में झाग बनना कभी-कभी तेज पानी की धार या पेशाब करने की तेजी से होता है, लेकिन जब पेशाब में लगातार झाग आए और वह सामान्य से ज्यादा दिखने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
पेशाब झागदार क्यों दिखता है?
पेशाब में झाग बनने की सबसे आम वजह सो बताई जाती है वो है प्रोटीन का पेशाब में आना, जिसे मेडिकल भाषा में प्रोटीन्यूरिया कहते हैं. यह समस्या तब होती है जब किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती और खून का प्रोटीन पेशाब में चला जाता है, यही वजह है कि पेशाब झागदार दिखने लगता है.
पेशाब के झाग का किडनी से क्या कनेक्शन?
हेल्थ एक्सपर्ट्स ये मानते हैं कि किडनी की बीमारी भी झागदार पेशाब का बड़ा कारण हो सकती है, क्योंकि जब किडनी कमजोर होती है, तो वह खून को सही से साफ नहीं कर पाती और पेशाब में अनचाहे पदार्थ निकलने लगते हैं.
ये लोग ज्यादा फेस करते हैं समस्या
पेशाब में झाग की समस्या से वो लोग ज्यादा परेशान होते हैं, जो डायबिटीज का शिकार हैं. लंबे समय तक ब्लड शुगर ज्यादा रहने से किडनी पर बुरा असर पड़ता है और पेशाब में प्रोटीन लीक हो सकता है.कम पानी पाने पर पेशाब गाढ़ा हो जाता है और झाग बनना आसान हो जाता है. इसके अलावा, पेशाब में संक्रमण (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) या कुछ दवाइयों के कारण भी यह समस्या हो सकती है.
यूरिन में झाग आने से किडनी खराब हो सकती है?
ये सवाल जरूर रहता है कि क्या पेशाब में झाग बनने से किडनी तो खराब नहीं हो जाती? इसे लेकर फेलिक्सहॉस्पिटल डॉट कॉम ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में बताया है कि यूरिन में झाग आना हमेशा किडनी खराब होने का संकेत नहीं होता, लेकिन यह किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती लक्षण जरूर हो सकता है. रिपोर्ट में बताया गया कि अगर किडनी सही तरीके से काम नहीं करती है तो प्रोटीन खून में से छनकर यूरिन में आ सकता है, जिसे प्रोटीनुरिया कहा जाता है. यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है. इस बात के चांस जब और ज्यादा होते हैं जब झाग लंबे समय तक बना रहे. जब किसी की भी किडनी खराब होती है तो कुछ संकेत मिलते हैं, जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बार-बार सूजन आना, भूख न लगना, थकान, और यूरिन का रंग गहरा होना.
डॉक्टर से कब सलाह लेना चाहिए?
सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर पेशाब में झाग आने पर डॉक्टर से कब सलाह लेना चाहिए. जब ये समस्या बार-बार हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. आमतौर पर डॉक्टर पेशाब की जांच कर प्रोटीन या संक्रमण की पुष्टि करते हैं. इसके बाद जरूरी हो तो ब्लड टेस्ट और किडनी की अन्य जांच भी करवाई जाती है. इस प्रॉब्लम का ट्रीटमेंट इस बात पर निर्भर करता है कि झाग आने का कारण आखिर क्या है. एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि अगर शरीर में पानी की कमी हो तो खूब पानी पिएं, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखें.