इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से होते हैं ये 4 नुकसान, सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर!

disadvantages of Intermittent Fasting आजकल अधिकतर लोग बढ़ते वजन से परेशान हैं. मोटापा कम करने के लिए अधिकतर लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं. इंटरमिटेंट फास्टिंग में एक समय के दौरान ही खाना खाना होता है. बाकि समय में कुछ नहीं खाना होता है. इंटरमिटेंट फास्टिंग करने के कुछ फायदे हैं तो इसके कुछ नुकसान भी है. आइए जानते हैं इंटरमिटेंट फास्टिंग के नुकसान.

पाचन तंत्र पर असर
इंटरमिटेंट फास्टिंग में एक तय समय तक खाना नहीं खाते हैं. लंबे समय तक उपवास रखने के बाद ज्यादा खाना खाने से गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्या हो सकती है. पाचन तंत्र पर दबाव पड़ता है.

हार्मोनल असंतुलन
महिलाओं में इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से हार्मोनल बदलाव आ सकता है. पीरियड्स साइकिल पर असर पड़ता है. वहीं जो महिलाएं प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं उन्हें इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से बचना चाहिए.

मूड स्विंग्स
इंटरमिटेंट फास्टिंग में जब एक तय समय पर खाना खाते हैं बाकि समय कुछ भी नहीं खाते हैं तो भूख लगने पर कई लोगों में मूड स्विंग्स, गुस्सा और चिड़चिड़ापन की समस्या देखने को मिल सकती है.

थकान अनुभव
इंटरमिटेंट फास्टिंग करने से शरीर में ऊर्जा की कमी और थकान महसूस होती है. आप लंबे समय तक कुछ नहीं खाते हैं, तो शरीर में एनर्जी की कमी होती है. जिस वजह से चक्कर ना आना, थकावट महसूस हो सकती है.