Grandmother Recommended Foods: चाहे कोई बीमारी हो या कोई सेहत से जुड़ा कोई बात, हम बचपन से ही दादी-नानी के नुस्खे का इस्तेमाल करते आए है. दादी-नानी के नुस्खे में कई ऐसी चीजें शामिल हैं, जो हमारी सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है. ये नुस्खे शरीर को अंदर से मजूबती देने के साथ-साथ कई बीमारियों से भी हमारा बचाव करते हैं. ऐसे में इस खबर में हम ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे, जो नानी-दादी के नुस्खों में आम होती रही है.
घी
भारतीय रसोई में घी का इस्तेमाल सबसे अहम होती है. पोषक तत्वों से भरपूर घी में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन A, D, E और K पाया जाता है, जो शरीर को अंदर से पोषण देने का काम करता है. इसके साथ-साथ धी से डाइजेशन सिस्टम मजबूत होता है और ज्वाइंट्स पेन से भी राहत मिलती है. रिसर्च की माने तो सीमित मात्रा में घी खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है, हार्ट हेल्दी रहता है. इसलिए दादी-नानी बचपन से ही घी खाने की सलाह देती आई हैं.
छाछ
छाछ भी एक ऐसी ड्रिंक है, जिसे दादी-नानी हमेशा अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह देती आई हैं. छाछ गर्मी में शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ डाइजेशन सिस्टम को भी सुधारती है. पोषक तत्वों से भरपूर छाछ में कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स भरपूर मात्रा में होते हैं. ऐसे में रोजाना खाना खाने के बाद एक गिलास छाछ पीने से एसिडिटी, अपच और गैस की समस्याओं से बचाव हो सकता है. साइंस भी छाछ को गट हेल्थ बूस्टर मानता है.
हलीम के बीज और जड़ी-बूटियां
आपको बता दें, दादी-नानी अक्सर जड़ी-बूटियों में विश्वास करती आई हैं. ऐसे में हलीम के बीज या दूसरे जड़ी-बूटी भी डाइट में शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है. हलीम के बीज आयरन और प्रोटीन से भरपूर होते हैं. ऐसे में इन्हें दूध या पानी में भिगोकर पाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है और स्किन दमकती है. वहीं तुलसी, अश्वगंधा, हल्दी जैसी जड़ी-बूटियां शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाती है और इंफेक्शन से बचा जा सकता है.