मेंटल हेल्थ के लिए खतरनाक हो सकता है ट्रॉमा बॉन्ड, जानें क्या है इस टॉक्सिक बिहेवियर का मतलब

आए दिन सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चीजें वायरल हो रही होती है. इनमें से कई ऐसी चीजें होती हैं जो किसी काम की नहीं होती है. बहुत सी ऐसी चीजें भी होती हैं जिसे लोगों को जानना बेहद ही जरूरी है. इन्ही वायरल चीजों में से एक है ट्रॉमा बॉन्ड. आजकल ट्रॉमा बॉन्ड के बारे में सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा चर्चा हो रही है. कई लोगों को पता भी नहीं है कि आखिर ये क्या है. आज हम आपको बताएंगे ट्रॉमा बॉन्ड क्या होता है और क्यों ये आजकल हर रिशमें में पाया जाता है.

क्या है ट्रॉमा बॉन्ड
ट्रॉमा बॉन्ड एक ऐसी परिस्थिति को कहते हैं जिसमें दो लोग एक ऐसे रिश्ते में होते हैं जिसमें किसी एक को पता होता है कि दूसरा व्यक्ति उनका इस्तेमाल कर रहा है या उनकी रिस्पेक्ट नहीं करता है. कई बार ऐसा भी देखा गया है कि लोगों को पता होता है कि वो ट्रॉमा बॉन्ड का शिकार हैं पर वो उस रिश्ते से दूर नहीं हो पाते हैं क्योंकि उन्हें उस रिश्ते के टूट जाने का डर सताने लग जाता है.

हर रिश्ते में पाया जाता है
ट्रॉमा बॉन्ड हर तरह के रिश्ते में पाया जाता है चाहे रिश्ता रोमांटिक हो या पारिवारिक. आजकल कई ऑफिशियल रेलेशन में भी लोग इसका शिकार हो रहे हैं. कई बार नौकरी जाने के डर या बॉस का अपमान न हो इस डर की वजह से लोग काम का प्रेशर हैंडल करते रहते हैं. ऑफिस के बाकी लोग इस चीज को देख भी सकते हैं और महसूस भी कर रहे होते हैं पर कोई किसी से कुछ नहीं कहता है और इस टॉक्सिक बिहेवियर को झेल रहा होता है.

डिसफंक्शनल कनेक्शन
ट्रॉमा बॉन्ड एक तरह का डिसफंक्शनल कनेक्शन है जो लोगों के बुरे बरताव या कई तरह के अब्यूज को झेलने को बोला जाता है. ये अब्यूज यानी शोषण कई तरह के हो सकते हैं जैसे मेंटल अब्यूज, फिजिकल अब्यूज, एमोशनल अब्यूज और सेक्शूअल अब्यूज. कई बार ऐसा होता है कि आपका कोई दोस्त आपसे किसी की बुराई करता है और उसके साथ हो रहे उत्पीड़न के बारे में बताता है पर जब आप उनसे कहते है कि ऐसे रिश्ते से दूरी बना लेनी चाहिए तो आपके दोस्त को हिचकिचाहट होने लगती है. इसी तरह के कंडीशन को टॉक्सिक बिहेवियर झेलना कहा जाता है जिसमें लोग रिश्ते में खुश भी नहीं होते हैं और उस रिश्ते से बाहर भी नहीं निकलना चाहते हैं.

टॉक्सिक बिहेवियर
कई केस में ऐसा भी होता है कि विक्टिम यानी पीड़ित जो टॉक्सिक बिहेवियर को झेल रहा है उसे ये पता भी नहीं होता है कि वो ट्रॉमा बॉन्ड का शिकार हो चुका होता है. बहुत से ऐसे पीड़ित भी होते हैं जो ट्रॉमा बॉन्ड को केवल इसलिए झेल रहे होते हैं क्योंकि वो इस रिश्ते को खत्म करने के बाद क्या होगा ये नहीं सोच पाते हैं या सोचना ही नहीं चाहते हैं.