टीकमगढ़: मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ से बड़ी खबर आ रही है। जिले में जिला अस्पताल और जतारा क्षेत्र में आयोजित किए गए नसबंदी शिविर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है। महिलाओं के लिए आयोजित इस शिविर में जरूरी व्यवस्थाओं की कमी के कारण कई मरीजों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। खासतौर पर नसबंदी के बाद महिलाओं के लिए स्ट्रेचर या अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे उन्हें हाथों से उठाकर परिजनों द्वारा घर तक ले जाना पड़ा।
नसबंदी के बाद महिलाओं के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं
शिविर का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित और सहज तरीके से नसबंदी सेवाएं देना था। हालांकि, जांच में यह सामने आया कि स्वास्थ्य केंद्र ने मरीजों के लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं किए, न ही अस्पताल में स्ट्रेचर की सुविधा थी और न ही महिला मरीजों को घर तक पहुंचाने का कोई प्रबंध। इससे यह स्पष्ट होता है कि स्वास्थ्य विभाग ने इस शिविर में संचालन और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया।
जिला अस्पताल में आयोजित इस शिविर में जतारा क्षेत्र की कई महिलाएं शामिल हुई थीं। उनके लिए यह शिविर सुविधाजनक और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा का अवसर होना चाहिए था। लेकिन असुविधाओं और व्यवस्थाओं की कमी ने महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को जोखिम में डाल दिया। कई महिलाएं प्रसंग के दौरान चोट लगने के डर से भी परेशान रहीं।
महिला पेशेंट को हाथों से उठाकर ले गए परिजन
नीय लोगों का कहना है कि ऐसे शिविरों में महिला मरीजों के लिए स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और घर तक पहुँचाने की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग को ऐसी लापरवाही और व्यवस्थाओं में कमी पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और मरीजों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।
जिला अस्पताल में लगाया गया था नसबंदी शिविर
इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि यह स्पष्ट है कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल मरीजों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि विभाग की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठाती है। विभाग को भविष्य में ऐसे शिविरों में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करना होगा ताकि महिला मरीजों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक सेवा मिल सके।