इंदौर : भंवरकुआ थाना क्षेत्र में रहने वाली दो साल की बच्ची की संदिग्ध मौत के बाद शव को 5 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया है. कथित तौर पर उल्टी दस्त के बाद इलाज के लिए मासूम को भंवरकुआ थाना क्षेत्र के एक हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती किया गया था लेकिन इलाज के दौरान उसकी स्थित काफी गंभीर हो गई. इसके बाद उसे इलाज के लिए दूसरे हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया, जहां बच्ची की मौत हो गई.
उल्टी-दस्त से नहीं मिल रही थी राहत
घटना के बाद परिजनों ने हॉस्पिटल प्रबंधक पर लापरवाही के आरोप लगाए गए, जिसके चलते पुलिस ने पांच दिन बाद बच्चे के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है. भंवरकुआ थाना क्षेत्र में रहने वाले नितिन यादव ने अपनी दो साल की बच्ची काशवी को हेल्थ केयर हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती किया था. नितिन ने आरोप लगाया कि बच्ची को तीन से चार दिनों तक राहत नहीं मिली और हॉस्पिटल प्रंबधक ने उसे दूसरे हॉस्पिटल रेफर कर दिया.
चलता रहा रेफर का खेल, बच्ची की हुई मौत
बच्ची को क्रिटिकल कंडीशन में परिजन छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में मौजूद एक हॉस्पिटल में लेकर गए लेकिन बच्ची की हालत को देखते हुए संबंधित हॉस्पिटल ने एमवाय हॉस्पिटल रेफर कर दिया. जब परिजन बच्ची को लेकर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचे तो एमवाय हॉस्पिटल में मौजूद डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया. बच्ची की मौत होने के बाद परिजनों ने हेल्थ केयर हॉस्पिटल पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए. इस समय तक शव को दफनाया जा चुका था.
शव दफनाए जाने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और परिजनों की शिकायत पर मामला जांच में लिया. उसके बाद पुलिस ने जरूरी प्रक्रिया पूरी करते हुए दफन बच्ची के शव को पांच दिन बाद कब्र से बाहर निकलवाया और अब उसका पोस्टमॉर्टम एमवाय हॉस्पिटल में किया जा रहा है. एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा, ” इस मामले में परिजनों के द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनकी जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है.