किसानों की बल्ले-बल्ले! MP Budget 2026 में मोहन सरकार का बड़ा ऐलान, जानिए पूरी डिटेल

MP Budget 2026 में मोहन सरकार ने 1 लाख सोलर पंप, किसानों को 12 हजार वार्षिक सहायता और युवाओं के रोजगार पर बड़ा ऐलान किया। विकसित एमपी 2047 के लक्ष्य के साथ पेश हुआ यह बजट कृषि, ऊर्जा और निवेश को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा में 18 फरवरी को पेश हुए 2026-27 के बजट ने साफ संकेत दिया है कि मोहन सरकार अब घोषणाओं से आगे बढ़कर लक्ष्य आधारित आर्थिक विस्तार पर जोर दे रही है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण में इसे प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न से जुड़ा दस्तावेज बताया और “हर हाथ को काम, हर युवा को रोजगार, हर नारी को न्याय” को सरकार का केंद्रीय संकल्प दोहराया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में यह तीसरा बजट है, जो 2047 तक “विकसित एमपी” और राज्य की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की दिशा में कदम के रूप में प्रस्तुत किया गया।

1 लाख सोलर पंप: कृषि को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर
बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में किसानों के लिए 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराना शामिल है। इसका सीधा उद्देश्य सिंचाई लागत घटाना और डीज़ल-निर्भरता कम करना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सोलर पंप ग्रामीण अर्थव्यवस्था में दोहरा प्रभाव डालते हैं—खेती की लागत घटती है और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। साथ ही, किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12,000 रुपये की सहायता जारी रहेगी। इससे आय सुरक्षा का आधार मजबूत रखने की कोशिश की गई है।

वित्त मंत्री ने बताया कि “भावांतर” मॉडल की सफलता से अन्य राज्यों ने भी रुचि दिखाई है। इसके साथ ही “कृषक उन्नति योजना” की घोषणा की गई है, जिसके तहत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। जैविक और प्राकृतिक खेती के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। सरकार के मुताबिक 21.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक/प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकृत किया गया है। यह कदम निर्यात संभावनाओं और मिट्टी की सेहत सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश को देश का तीसरा सबसे युवा राज्य बताते हुए सरकार ने रोजगार सृजन को बजट का केंद्रीय बिंदु रखा है। सर्विस सेक्टर और उद्यमिता को बढ़ावा देने की रणनीति पर जोर दिया गया है। सरकार का दावा है कि निवेश और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को स्थानीय स्तर पर अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि पलायन कम हो और औद्योगिक विस्तार को गति मिले।

तीसरा बजट (2026-27): विकासोन्मुख विस्तार की दिशा में
यह स्पष्ट है कि हर वर्ष बजट का आकार बढ़ा है, जो पूंजीगत व्यय और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है। पिछले साल का बजट सत्र 10 मार्च से 24 मार्च तक चला था, जबकि इस बार सरकार ने समय से पहले व्यापक तैयारी के साथ बजट प्रस्तुत किया है।

विकसित एमपी 2047: विज़न या रोडमैप?
भाजपा सरकार ने 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए कृषि, ऊर्जा, उद्योग और सेवा क्षेत्र में संतुलित निवेश की रणनीति अपनाई जा रही है। आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यदि पूंजीगत व्यय, कृषि उत्पादकता और निवेश प्रस्तावों का क्रियान्वयन तय समयसीमा में होता है, तो मध्य प्रदेश की ग्रोथ दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर रह सकती है।

MP Budget 2026 को सरकार ने विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के त्रिकोण पर आधारित बताया है। 1 लाख सोलर पंप, किसानों के लिए प्रत्यक्ष सहायता और युवाओं के लिए अवसर—ये सभी घोषणाएं जमीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगी। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि बजट की घोषणाएं कितनी तेजी से धरातल पर उतरती हैं और क्या मध्य प्रदेश वास्तव में 2047 के विकसित राज्य के लक्ष्य की ओर ठोस कदम बढ़ा पाता है।