भोपाल: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हुई एक लूट के मामले में पुलिस ने अपने ही विभाग के 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए इनमें से पांच को हिरासत में ले लिया है। इन सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ डकैती, अवैध रूप से रोकना, अपहरण और आपराधिक षडयंत्र की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले को लेकर सीएम मोहन यादव ने कहा, ‘पुलिस अधिकारी स्वयं अपराध करते हैं, तो यह गलत है। इसलिए हमारी सरकार इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी।’
इस बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि इन कर्मचारियों का आचरण अनुचित पाया गया, इसलिए जांच और जांच दल में शामिल SDOP पूजा पांडे समेत अन्य सभी के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने इस मामले को लेकर SDOP पूजा पांडे समेत कुल पांच पुलिसकर्मियों सब इंस्पेक्टर अर्पित भैरम, कांस्टेबल योगेंद्र, कांस्टेबल नीरज और कांस्टेबल जगदीश को हिरासत में ले लिया है। जबकि हेड कांस्टेबल माखन, हेड कांस्टेबल राजेश जंघेला, कांस्टेबल रविंद्र उइके, कांस्टेबल ड्राइवर रितेश, एसएएफ कांस्टेबल केदार और एसएएफ कांस्टेबल सुभाष सदाफल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी पुलिसकर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
अपने पास रख लिए थे कार से बरामद 1.45 करोड़ रुपए
बता दें कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई 8 और 9 अक्टूबर की दरम्यानी रात को हुई उस घटना को लेकर की गई है, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (SDOP, सिवनी) ने एक चेकिंग अभियान चलाया था, इसी दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश के कटनी से महाराष्ट्र के जालना जा रहे एक वाहन को रोककर उसमें से लगभग 1.45 करोड़ रुपए बरामद किए थे। लेकिन इस मामले में कोई उचित कानूनी कार्रवाई किए बिना उन्होंने मारपीट करके ड्राइवर को भगा दिया था और पैसों को अपने पास रखते हुए हड़पने की कोशिश की थी। यहां तक कि इस बारे में उन्होंने किसी वरिष्ठ अधिकारी को सूचना तक नहीं दी थी। यह अपराध तब सामने आया था, जब वाहन चालक और रुपए भेजने वाले एक व्यापारी ने पुलिस से संपर्क किया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस महानिरीक्षक (जबलपुर) प्रमोद वर्मा ने जांच के आदेश दिए। इसी मामले में आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
जो गलती करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी: सीएम यादव
इस केस को लेकर ANI से बात करते हुए सीएम यादव ने कहा, ‘हम कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेंगे और यही हमारी सरकार की नीति है। कानून की नजर में अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक सभी समान हैं। जो भी गलती करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमने एसडीओपी पूजा पांडे और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है और उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की है।’
सीएम यादव ने कहा, ‘मध्य प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम सभी आशा करते हैं कि पुलिस अधिकारियों के अधिकारों का हनन न हो, लेकिन अगर पुलिस अधिकारी स्वयं अपराध करते हैं, तो यह गलत है। इसलिए हमारी सरकार इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। सिवनी की घटना में दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
इस बारे में सरकार की तरफ से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 310 (2) (डकैती दंड), 126 (2) (गलत तरीके से रोकने के लिए दंड), 140 (3) (किसी व्यक्ति को गुप्त रूप से और गलत तरीके से बंधक बनाने के इरादे से किया गया अपहरण) और 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र दंड) के तहत मामला दर्ज किया गया है।