भोपाल: मध्य प्रदेश के स्टेट हाईवे से लेकर सभी मार्गों का एनएचएआई की तर्ज पर सरकार पूरा डाटा तैयार कराने जा रही है. इसके लिए नेटवर्क सर्वे व्हीकल्स की मदद से प्रदेश की सड़कों का डाटा जुटाया जाएगा और इसके बाद डाटा का एनालिसिस कर सभी सड़कों का डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाया जाएगा. राज्य सरकार ने यह कदम बार-बार खराब होने वाली सड़कों से छुटकारा पाने के लिए उठाया है. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक सड़कों का डाटा इकट्ठा होने से सड़कों के निर्माण, सुधार कार्य बेहतर होगा. साथ ही सड़क निर्माण में खर्च होने वाली राशि में भी कमी आएगी.
इस तरह तैयार होगा सड़क का हेल्थ कार्ड
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तरह मध्य प्रदेश में भी रोड असेट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है. इसके तहत प्रदेश की करीबन 40 हजार किलोमीटर सड़कों का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा. इसके तहत एनएसव्ही यानी नेटवर्क सर्वे व्हीकल की मदद ली जाएगी. इन व्हीकल्स की मदद से प्रदेश की सड़कों का डाटा जुटाया जाएगा. इसके तहत देखा जाएगा कि सड़कों की सतह की गुणवत्ता किस तरह की है, सड़क कहां-कहां खराब हुई है और मार्ग पर मौजूद तकनीकि खामियां, ट्रेफिक लोड, साइन बोर्ड, सिग्नल आदि के डाटा को जुटाया जाएगा.
इस डाटा का विशेषज्ञ एनालिसिस करेंगे और इसके आधार पर हर सड़क का हेल्थ कार्ड तैयार किया जाएगा. लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह कहते हैं कि “डिजिटल हेल्थ कार्ड तैयार होने से हर सड़कों में सुधार कराना आसान होगा. जहां जिस तरह की जरूरत होगी उसे पूरा किया जाएगा, इससे सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी.”
पहले मुख्य मार्गों का डेटा होगा तैयार
सड़कों का हेल्थ रिकॉर्ड तैयार करने की शुरुआत प्रदेश के हाईवे, जिलों की मुख्य सड़कों से होगी. पहले चरण में करीबन 10 हजार किलोमीटर सड़कों का डेटा तैयार किया जाएगा. इसके बाद जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ने वाली सड़कों का एनालिसिस किया जाएगा. सड़कों का हेल्थ कार्ड तैयार कराने में करीब 25 करोड़ की राशि खर्च होगी, लेकिन विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इससे सड़कों के बार-बार खराब होने और गुणवत्ता को लेकर आने वाली समस्याओं पर लगाम लगेगी.
मोबाइल लैब से की जा रही जांच
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह के मुताबिक सड़कों की गुणवत्ता अच्छी हो इस पर विभाग का पूरा फोकस है. इसके लिए कई सड़क निर्माण पर निगरानी बढ़ाई गई है. अब चलित लैब के जरिए जांच कराई जा रही है, ताकि अच्छी क्वालिटी की सड़कें बनाई जाएं. सड़क निर्माण के दौरान जल और पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा जा रहा है.”