मध्य प्रदेश में भाभी ने ही देवर को बनाया हनीट्रैप का शिकार, अपनी सहेली को बुलवाकर बनवाया वीडियो

ग्वालियर: एमपी के ग्वालियर में भाभी और उसकी सहेली द्वारा देवर को हनी ट्रैप का शिकार बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उसे सहेली से दोस्ती कराने के नाम पर मुरैना से ग्वालियर बुलाया गया था। बाद में भाभी, सहेली और उसके परिचित रेप का आरोप लगाकर 10 लाख रुपए की डिमांड करने लगे। उसे बंधक बनाकर मारपीट के बाद मोबाइल, नकदी, फोन—पे का पासवर्ड भी छीन लिया। पुलिस ने मामले में 2 युवकों को गिरफ्तान किया है।

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार ग्वालियर गोला का मंदिर थाना क्षेत्र से हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक को उसकी ही भाभी ने अपनी महिला साथी और तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर फंसाया। आरोपियों ने युवक को झूठे रेप के केस में फंसाने की धमकी देकर उससे 10 लाख रुपए की मांग की थी।

जानकारी अनुसार मुरैना के रिठौरा कलां का रहने वाला रविंद्र कुशवाहा और उसके भाई ने थाने आकर रिश्ते की भाभी ओमवती कुशवाहा जो काल्पी ब्रिज इलाके वह व उसकी परिचित महिला व युवकों के खिलाफ उसे फंसाने, किडनैप कर मारपीट करने, मोबाइल और नकदी छीनने की शिकायत कराई है। रविंद्र ने बताया कि उसे झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर 10 लाख रुपयों की मांग कर रहे थे। बंधक बनाकर रस्सी से बांधकर उसे पीटा भी गया था।

भाभी-सहेली और झूठे ‘हनीट्रैप की कहानी’
रविंद्र कुशवाहा की शिकायत के अनुसार उसकी रिश्ते की भाभी ओमवती उसे काफी दिन से मिलने बुला रही थी। 15 अक्टूबर को उसका फोन आया कि उसकी सहेली रूकमणि राजपूत भी आ रही है। उससे दोस्ती करवा देंगे। तुम आ जाओ। जब वह पहुंचा तो ओमवती व उसकी सहेली रुकमणी भी आ गई। तीनों ने खाना गया। बाद में भावी ने कहा कि तुल सहेली के भाई आदित्य के घर चले जाओ। यहां कमरे में रहना ठीक नहीं है। भाभी के कहे अनुसार वह गोवर्धन कॉलोनी चला गया। यहां उसे व रुकमणी को एक अकेले कमरे में छोड़ दिया गया। बाद में रात करीब साढ़े 11 बजे भाभी व कौशल परमार, अंकित वर्मा, आदित्य भदोरिया आ गए और उस पर रुकमणि से रेप करने का आरोप लगाने लगे।

रस्सी से हाथ-पैर बांधकर मारपीट के भी आरोप

एफआईआर के अनुसार रविंद्र ने बताया कि उन सभी लोगों ने उससे झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देते हुए 10 लाख रुपयों की मांग करने लगे। तीन युवकों ने उसे बंधक बनाकर उसके हाथ पैर रस्सी से बांध दिए। मारपीट करते हुए उसका मोबाइल, 8 हजार नकद और फोन—पे का पासवर्ड और बाइक भी छीन ली। बाद में वह पैसों का इंतजाम करने का बहाना बनाकर वहां से आजाद हो सका। उसने राहगीर की मदद से अपने भाई को फोन कर जानकारी दी थी।

पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस से मिली जानकारी अनुसार रविंद्र की शिकायत के बाद पुलिस ने दबिश देकर गोला का मंदिर क्षेत्र निवासी कौशल परमार और अंकित वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इनकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर इनको उठाया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ओमवती और रुकमणि और आदित्य को भी हिरासत में लिया गया है और पुलिस पूछताछ कर रही है, लेकिन इनकी गिरफ्तारी का खुलासा नहीं किया गया।